‘बकरी नहीं बेचूंगा’ कहना पड़ा भारी: 2 मुरकी-कड़े लूटकर साफे से बांधा, इलाज के दौरान मौत; ग्रामीणों का अस्पताल में जबरदस्त आक्रोश
भीनमाल: जालौर जिले के निकटवर्ती कोड़िटा गांव में मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक सनसनीखेज वारदात हुई है। मंगलवार को लूट के इरादे से 75 वर्षीय बुजुर्ग रामाराम देवासी पर किए गए जानलेवा हमले के बाद, इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस निर्मम घटना से कोड़िटा सहित आस-पास के तीन गांवों में भीषण आक्रोश फैल गया।
😡 ग्रामीणों का फूटा गुस्सा: ‘जब तक गिरफ्तारी नहीं, तब तक पोस्टमार्टम नहीं’
बुधवार सुबह जैसे ही बुजुर्ग रामाराम देवासी की मौत की खबर कोड़िटा पहुंची, हालात तनावपूर्ण हो गए। सैकड़ों ग्रामीण भीनमाल राजकीय चिकित्सालय पहुंचे और मोर्चरी के बाहर जमा होकर धरना शुरू कर दिया। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना था कि जब तक लुटेरे हत्यारों को तत्काल गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक वे शव का पोस्टमार्टम नहीं होने देंगे। इस विरोध प्रदर्शन के कारण अस्पताल परिसर में जबरदस्त तनाव व्याप्त हो गया।

🔪 मामाजी मंदिर के पास हुई खूनी वारदात
पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार शाम बुजुर्ग रामाराम देवासी मामाजी मंदिर के पास से गुजर रहे थे। इसी दौरान दो अज्ञात युवक उनके पास आए और बकरियां बेचने के बहाने उनसे बात करने लगे। जब बुजुर्ग रामाराम ने “बकरियां नहीं बेचूंगा” कहकर मना किया, तो दोनों लुटेरे अचानक हिंसक हो गए।
- निर्मम हमला: हमलावरों ने पत्थरों से बुजुर्ग पर बेरहमी से वार किया, जिससे वह लहूलुहान होकर गिर पड़े।
- लूटपाट: हमलावरों ने उनसे दो सोने की मुरकी, दो चांदी के कड़े, मोबाइल फोन, नकदी और पर्स छीन लिया।
- अमानवीय कृत्य: जाते-जाते आरोपियों ने बुजुर्ग रामाराम के हाथ-पैर उन्हीं के साफे से बांध दिए और फरार हो गए।
कुछ देर बाद, मंदिर की ओर जा रही महिलाओं ने रामाराम देवासी को खून से लथपथ और बंधे हुए देखा, जिसके बाद ग्रामीणों को सूचना दी गई। गंभीर हालत में उन्हें सांचौर अस्पताल ले जाया गया, जहाँ देर रात इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

🤝 नेताओं ने दिया कार्रवाई का भरोसा
लगातार बढ़ते तनाव को देखते हुए पुलिस प्रशासन हरकत में आया। मौके पर डीएसपी शंकरलाल मंसूरिया और थानाधिकारी राजेंद्रसिंह राजपुरोहित पहुंचे। भाजपा जिलाध्यक्ष जसराज राजपुरोहित, पूर्व विधायक पूराराम चौधरी, और रानीवाड़ा विधायक रतन देवासी ने भी अस्पताल पहुंचकर अधिकारियों से चर्चा की और ग्रामीणों से बातचीत की।
अधिकारियों ने ग्रामीणों को आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी, निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई का ठोस आश्वासन दिया। इस भरोसे के बाद ग्रामीण शांत हुए और उन्होंने पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू करने की अनुमति दी।
पुलिस ने बताया है कि आरोपियों की तलाश में विशेष टीमें गठित कर आसपास के गांवों और ढाणियों में दबिश दी जा रही है। पुलिस का दावा है कि आरोपियों को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा।



