मीठीबेरी सरहद में 5 दिनों तक चला सर्च ऑपरेशन; कड़ाके की ठंड में गोताखोरों ने नहर से बाहर निकाली डेथ बॉडी
चितलवाना (जालोर)। नर्मदा नहर के मीठीबेरी सरहद में गिरे महिला और उसके मासूम बच्चे के मामले में एक दुखद खबर सामने आई है। जिला पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार और चितलवाना थानाधिकारी निरीक्षक भंवरलाल के नेतृत्व में SDRF टीम ने पिछले कई दिनों से जारी रेस्क्यू ऑपरेशन को पूरा करते हुए मां और बेटे, दोनों के शवों को नहर से बाहर निकाल लिया है।
5 दिनों तक चला सघन रेस्क्यू ऑपरेशन
घटनाक्रम के अनुसार, बीती 29 दिसंबर 2025 को करावड़ी (झाब) निवासी श्रीमती शांता देवी अपनी पत्नी रूगनाथराम मेघवाल और उनके 1 वर्षीय मासूम पुत्र रियांस के नर्मदा नहर में गिरने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस और SDRF की टीम मौके पर पहुँची। कड़ाके की ठंड और नहर के तेज बहाव के बावजूद SDRF के जवानों ने दिन-रात एक कर दिया।
अलग-अलग दिन मिले शव
SDRF टीम की अथक मेहनत के बाद दिनांक 1 जनवरी 2026 को महिला शांता देवी का शव बरामद किया गया। वहीं, मासूम रियांस की तलाश जारी रही, जिसका शव कड़ी मशक्कत के बाद 3 जनवरी 2026 को नहर से बाहर निकाला जा सका। इस दुखद घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।
रेस्क्यू टीम की जांबाजी
सर्द मौसम और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में इस ऑपरेशन को अंजाम देने वाली SDRF टीम में हेड कांस्टेबल फूसाराम, कांस्टेबल श्यामलाल, भगवानाराम, आदूराम, हीरालाल, रामसुख, विधानन्द, जितेन्द्र कुमार, निम्बाराम और चालक नानूराम शामिल रहे। पुलिस अधिकारियों ने टीम के लगन और साहस की सराहना की है।



