राजस्थान के बाड़मेर जिले में 'ऑपरेशन खुलासा' अभियान के तहत पुलिस ने नकबजनी की बड़ी वारदातों को अंजाम देने वाली रतन कंजर गैंग का पर्दाफाश किया। पुलिस ने इस गैंग के चार अपराधियों को गिरफ्तार कर चोरी के मामलों में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की।
घटना का विवरण
पुलिस अधीक्षक बाड़मेर ने जानकारी देते हुए बताया कि रामसर और हरसाणी कस्बों में लगातार हो रही रात्रिकालीन नकबजनी की वारदातों को गंभीरता से लेते हुए विशेष टीमों का गठन किया गया।
- 25 मार्च 2025 को रामसर में प्रेमसिंह के घर में 40 तोला सोने के आभूषणों की चोरी हुई।
- 03 अप्रैल 2025 को हरसाणी में महेन्द्र सिंह के घर से 7-8 तोला सोने के गहने एवं 6 लाख रुपये नकद चोरी कर लिए गए।
अपराधियों तक पहुंचने की रणनीति
पुलिस द्वारा सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी सहायता एवं मुखबिर तंत्र के माध्यम से गहन अनुसंधान शुरू किया गया। डीएसटी प्रभारी सुमेर सिंह इन्दा एवं अजीत सिंह, थानाधिकारी रामसर के नेतृत्व में टीमों ने 200 किलोमीटर के दायरे में सीसीटीवी फुटेज खंगाले और चोरी की वारदातों का पैटर्न समझने की कोशिश की।
मुखबिर की सूचना से मिली अहम जानकारी
मुखबिर से सूचना मिलने पर पता चला कि चोरी की इन वारदातों के पीछे चित्तौड़गढ़ एवं मध्यप्रदेश के कंजर जाति के अपराधी हैं। डीएसटी के हैड कांस्टेबल प्रेमाराम (586) को खबर मिली कि रतन कंजर नामक अपराधी ने हाल ही में छह चक्का ट्रक खरीदा है, जिसका प्रयोग चोरी के माल को परिवहन करने में किया जा रहा है।
पहाड़ों में छिपे थे अपराधी, ऑपरेशन हुआ सफल
रतन कंजर गैंग के ठिकाने अरावली पहाड़ियों की तलहटी में स्थित थे, जहां वे चोरी के बाद छिप जाते थे। पुलिस ने उनके ठिकाने पर ड्रोन कैमरों और नाइट विजन बाइनोकुलर की मदद से निगरानी शुरू की। चार रातों तक पहाड़ी इलाके की छानबीन करने के बाद टीम ने कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन चलाया।
रात 2 बजे ऑपरेशन शुरू हुआ:
- पुलिस टीम ने पहाड़ी के पीछे से चढ़ाई की ताकि अपराधी सतर्क न हो सकें।
- पहाड़ी की चोटी पर पहुंचते ही अपराधियों को घेरा गया।
- शातिर अपराधी रतन कंजर भागने की कोशिश में बिना जूते पहाड़ी पर दौड़ने लगा, जिससे उसके पैरों में मामूली चोटें आईं।
- पुलिस ने सूझबूझ से चार अपराधियों को धर दबोचा।
गिरफ्तार अपराधियों का विवरण
- रतनलाल पुत्र नरसी (26 वर्ष) निवासी मेघनिवास, चित्तौड़गढ़ (17 मामलों में अभियुक्त)
- राजेंद्रलाल पुत्र किशनलाल (31 वर्ष) निवासी मेघनिवास, चित्तौड़गढ़ (14 मामले)
- शैतान पुत्र पीवलाल (23 वर्ष) निवासी मेघनिवास, चित्तौड़गढ़
- कालूलाल पुत्र सुरेश (26 वर्ष) निवासी लाडपुरा, भीलवाड़ा (2 मामले)
पुलिस टीम की भूमिका
- मानाराम गर्ग (वृताधिकारी, रामसर)
- सुमेर सिंह इन्दा (प्रभारी, डीएसटी)
- अजीत सिंह (थानाधिकारी, रामसर)
- जस्साराम बोस (अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक)
- देवीसिंह (थानाधिकारी, गिराब)
- प्रेमाराम (मुखबिर सूचना में विशेष भूमिका)
भविष्य में और खुलासों की संभावना
गिरफ्तार अपराधियों से पुलिस द्वारा गहन पूछताछ की जा रही है। इससे न केवल बाड़मेर जिले बल्कि राजस्थान के अन्य जिलों में हुई चोरी की वारदातों के खुलासे की संभावना बढ़ गई है।
'ऑपरेशन खुलासा' की इस सफलता से राजस्थान पुलिस ने एक बड़ी आपराधिक गैंग का पर्दाफाश कर जनता में विश्वास बहाल किया है। यह कदम भविष्य में अपराध नियंत्रण और सुरक्षा को मजबूती देने में सहायक साबित होगा।







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