फलौदी-जैसलमेर के 4 उपखंडों को मिलेगी राहत; एमडी श्रवण सिंह भाटी का संकल्प— “गरीबों को मिले सस्ता और उत्तम इलाज, अब सिजेरियन नहीं नॉर्मल डिलीवरी पर रहेगा जोर”
सर्कल न्यूज नेटवर्क
टेकरा (फलौदी): राजस्थान के ग्रामीण आंचल में स्वास्थ्य सेवाओं की एक नई और क्रांतिकारी इबारत लिखी गई है। फलौदी और जैसलमेर जिले के सीमावर्ती क्षेत्र टेकरा में ‘बाबा रामदेव हॉस्पिटल एवं सोनोग्राफी सेंटर’ का भव्य आगाज हुआ है। यह राजस्थान का संभवतः पहला ऐसा अस्पताल है, जिसने ग्राम पंचायत स्तर पर अत्याधुनिक सोनोग्राफी की सुविधा उपलब्ध करवाकर एक मिसाल पेश की है।
चार उपखंडों के लिए ‘संजीवनी’ बनेगा यह केंद्र
इस अस्पताल के खुलने से फलौदी और जैसलमेर जिलों के चार प्रमुख उपखंड क्षेत्रों— बाप, फलौदी, पोकरण और नाचना की जनता को सीधा लाभ मिलेगा। अब यहां के निवासियों को छोटी-छोटी जांचों और इलाज के लिए बड़े शहरों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा।
एमडी श्रवण सिंह भाटी का संकल्प: सेवा ही सर्वोपरि
अस्पताल के मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) श्रवण सिंह भाटी (पुत्र श्री पी.एस. भाटी, टेकरा) ने बताया कि इस संस्थान की नींव रखने का एकमात्र उद्देश्य व्यापार नहीं, बल्कि मानव सेवा है। उन्होंने कहा:
“ग्रामीण क्षेत्रों में अस्पताल खोलने का हमारा मुख्य मकसद गरीबों की मदद करना और दीन-दुखियों के आंसू पोंछना है। हम चाहते हैं कि ग्रामीणों को घर के पास ही इतना सस्ता और उत्तम इलाज मिले कि उन्हें फालतू किराया-भाड़ा खर्च कर पूरा दिन खराब न करना पड़े।”
नॉर्मल डिलीवरी पर विशेष जोर: सिजेरियन की होड़ पर लगाम
आजकल जहां चिकित्सा जगत में सिजेरियन ऑपरेशन (बड़ा ऑपरेशन) की होड़ मची हुई है, वहीं बाबा रामदेव हॉस्पिटल ने एक अनूठी पहल की है। अस्पताल का मुख्य ध्येय गर्भवती महिलाओं की 100% सुरक्षित नॉर्मल डिलीवरी करवाना रहेगा। यहां अनुभवी पैरामेडिकल स्टाफ और विशेषज्ञों की देखरेख में प्राकृतिक प्रसव को प्राथमिकता दी जाएगी।
अत्याधुनिक सुविधाएं और रियायती दरें
अस्पताल में न केवल तकनीक का संगम है, बल्कि गरीबों के प्रति संवेदनशीलता भी है:
- विशेष रियायत: अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक समुदायों के लिए सोनोग्राफी, डिलीवरी और अन्य जांचों में विशेष छूट दी जाएगी।
- मशीनें व तकनीक: खून की जांच, डिजिटल एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड (सोनोग्राफी), ईसीजी और इलेक्ट्रिक मसाज जैसी अत्याधुनिक मशीनें उपलब्ध हैं।
- शिशु स्वास्थ्य: नवजात बच्चों के लिए इनक्यूबेटर और फोटोथेरेपी (पीलिया उपचार) की मशीनें भी स्थापित की गई हैं।
24 घंटे इमरजेंसी सेवा: हर संकट में साथ
यह अस्पताल जनता के लिए 24 घंटे खुला रहेगा। यहां आपातकालीन स्थितियों जैसे:
- सर्पदंश (सांप का काटना)
- बिच्छू दंश
- इलेक्ट्रिक बर्न (करंट से जलना)
- सामान्य प्रसव और जटिल सिजेरियन ऑपरेशन
जैसी तमाम इमरजेंसी सुविधाओं के लिए अस्पताल हर पल तैयार है। मरीजों और उनके परिजनों की सुविधा हेतु अस्पताल परिसर में 24 घंटे कैंटीन और एम्बुलेंस की सुविधा भी सुनिश्चित की गई है।
टेकरा का यह अस्पताल अब क्षेत्र के हजारों परिवारों के लिए उम्मीद की एक नई किरण बन चुका है।



