हादसों के 'ब्लैक स्पॉट' पर युवाओं का अनूठा नवाचार: अंधेरे में 300 मीटर दूर से चमकेंगे मवेशी, बचेंगी इंसानों और गोवंश की जानें
सर्कल न्यूज नेटवर्क रानीवाड़ा/जालोर। (टीकम पाल) रानीवाड़ा-सांचौर स्टेट हाईवे पर रात के अंधेरे में काल बनकर मंडराने वाले सड़क हादसों पर अंकुश लगाने के लिए ग्राम पाल के युवाओं ने मानवीय संवेदना और जागरूकता की मिसाल पेश की है। अक्सर अंधेरे में अचानक सामने आने वाले आवारा पशुओं से टकराकर होने वाली मौतों को रोकने के लिए युवाओं की टोली ने एक विशेष अभियान चलाकर सड़क पर विचरण कर रहे बेजुबानों के गले में रेडियम रिफ्लेक्टर बेल्ट बांधे हैं।
अंधेरे का 'सुरक्षा चक्र'
- 200 से 300 मीटर दूर से दिखेगा मवेशी: वाहन की हेडलाइट पड़ते ही रिफ्लेक्टर बेल्ट चमक उठेगा, जिससे तेज रफ्तार चालकों को समय रहते ब्रेक लगाने का मौका मिल सकेगा।
- हादसों का मुख्य कारण: रात के समय डामर की सड़कों पर काले व भूरे रंग के पशु दिखाई नहीं देते, जिससे आए दिन वाहन अनियंत्रित होकर पलट जाते हैं या भीषण भिड़ंत हो जाती है।
रात के सन्नाटे में चलाया अभियान ग्राम पाल के युवाओं ने आपसी समन्वय से गुरुवार देर रात हाईवे पर घूम रहे दर्जनों आवारा मवेशियों को सुरक्षित तरीके से पकड़कर उन्हें चमकदार बेल्ट पहनाए। इस मुहिम में गजेंद्र देवासी, भरत कुमार, वीरेंद्र पाल, प्रवीण कुमार, सागर पाल, राहुल पाल, दीपक कुमार तथा महिपाल देवासी सहित पूरी युवा टीम ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
युवाओं के अनुसार यह अभियान केवल एक दिन का नहीं, बल्कि निरंतर जारी रहेगा ताकि क्षेत्र के हर मुख्य संपर्क मार्ग को मवेशियों से होने वाले हादसों से सुरक्षित बनाया जा सके। ग्रामीणों व वाहन चालकों ने इस पहल को सराहते हुए प्रशासन से भी युवाओं की इस मुहिम में सहयोग की मांग की है।









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