जागो किसान जागो: टेल तक पानी के नाम पर काटे जा रहे पाइप, उधर लूणी नदी में बह रहा 'अमृत'; प्रशासन की वादाखिलाफी पर भडका मोर्चा
सांचौर/जालोर। "रोम जल रहा है और नीरो बंशी बजा रहा है।" यह कहावत सांचौर के नर्मदा प्रशासन पर सटीक बैठती है। टेल तक पानी पहुंचाने के नाम पर किसानों के पाइप (लडे) तो काटे जा रहे हैं, लेकिन दूसरी तरफ रणोदर साइफन के पास व्यर्थ में भारी मात्रा में पानी लूणी नदी में छोडा जा रहा है, जो आगे जाकर खडी फसलों को बर्बाद कर रहा है। नर्मदा विभाग के इस 'अनोखे खेल' और वादाखिलाफी के खिलाफ संयुक्त किसान मोर्चा ने अब आर-पार के संघर्ष का ऐलान कर दिया है।
मोर्चा के जिला अध्यक्ष ईशराराम बिश्नोई ने प्रशासन को आडे हाथों लेते हुए कहा कि यह सहनशीलता की परीक्षा है। किसान पानी के लिए तरस रहे हैं और अधिकारी मनमानी पर उतारू हैं।

8 साल का वनवास और कागजी टेंडर
रिपोर्ट के मुताबिक, हेमागुडा और मेघावा क्षेत्रों में किसान पिछले 8-9 वर्षों से कमांड से जोडने की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं, लेकिन उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है।
- भ्रष्टाचार की बू: मोर्चा का आरोप है कि नहरों की साफ-सफाई और झाडी कटिंग के टेंडर तो जरूर होते हैं, लेकिन धरातल पर काम जीरो है। सरकारी बजट का जमकर दुरुपयोग हो रहा है।
- सिस्टम फेल: अधिकांश डिग्गियां बंद पडी हैं, मोटरें खराब हैं और जल जीवन मिशन के दौरान तोडी गई पाइपलाइनों को आज तक ठीक नहीं किया गया है।
10 अक्टूबर की बैठक: 'ढाक के तीन पात'
संयुक्त किसान मोर्चा ने याद दिलाया कि 10 अक्टूबर को संभागीय आयुक्त पाली की अध्यक्षता में सांचौर में एक बडी बैठक हुई थी। सैकडों किसानों के सामने नर्मदा प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने कसम खाई थी कि रबी सीजन के लिए सिस्टम सुधार दिया जाएगा, वितरिकाओं की मरम्मत होगी और टेल तक पानी पहुंचेगा। लेकिन नतीजा वही "ढाक के तीन पात" रहा। स्थिति सुधरने के बजाय बद से बदतर होती जा रही है।
बीमा क्लेम और अनुदान का पैसा डकार गए?
मोर्चा के जिला मंत्री मकारम चौधरी ने एक और बडा खुलासा किया। उन्होंने बताया कि रबी 2022 का आदान-अनुदान (सांचौर-चितलवाना क्षेत्र) का अरबों रुपया पिछले 4 साल से बकाया पडा है।
- रिलायंस की मनमानी: फसल खराबे के बावजूद रिलायंस कंपनी क्लेम नहीं दे रही है।
- मंडी में लूट: कृषि उपज मंडी में धान तुलाई में भी किसानों के साथ धोखाधडी की जा रही है।
चेतावनी: अब होगा सडकों पर संग्राम
बिजली विभाग और अन्य समस्याओं को लेकर मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष विरद सिंह चौहान ने साफ कर दिया है कि अब ज्ञापन का दौर खत्म हो चुका है। संयुक्त किसान मोर्चा ने आर-पार के संघर्ष की रणनीति बना ली है। प्रशासन की लापरवाही और जनप्रतिनिधियों की चुप्पी के खिलाफ किसान जल्द ही उग्र आंदोलन करते हुए सडकों पर उतरेंगे।
- सवांददाता, सर्कल न्यूज नेटवर्क, सांचौर।







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