लंबित मांगों पर आर-पार की लड़ाई, रिलायंस और बिजली कंपनियों के खिलाफ भी गरजे किसान
सांचौर, 29 जुलाई (सर्कल न्यूज़)। किसानों की विभिन्न लंबित समस्याओं को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) और राजस्थान किसान सभा, जालोर ने बड़ा आंदोलन छेड़ दिया है। आगामी 5 अगस्त, 2025 से सांचौर में अतिरिक्त जिला कलेक्टर कार्यालय के समक्ष अनिश्चितकालीन महापड़ाव और धरना शुरू किया जाएगा। यह निर्णय आज चितलवाना में आयोजित एक संयुक्त बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया। बैठक में जिला अध्यक्ष ईश्वराराम बिश्नोई, वीरद सिंह चौहान और केसर सिंह सरवाना उपस्थित रहे, जबकि अध्यक्षता भागीरथ गोदारा ने की।

क्या हैं किसानों की प्रमुख मांगें?
जिला मंत्री मकारम चौधरी ने बताया कि पिछले दो-तीन वर्षों से किसानों की कई समस्याएं लंबित हैं, जिन पर लगातार आंदोलन और वार्ताएं हुई हैं, लेकिन समाधान नहीं निकला। प्रमुख मांगों में शामिल हैं:
- आदान अनुदान: चितलवाना तहसील के लिए आदान अनुदान की बकाया राशि के लिए पोर्टल खुलने और गिरदावरी प्रदर्शित होने के बाद, तुरंत सूचियां तैयार कर प्रक्रिया तेज की जाए।
- फसल बीमा क्लेम: बकाया फसल बीमा क्लेम का तुरंत भुगतान किया जाए।
- लूनी नदी का पानी: नेहड़ क्षेत्र के गांवों में लूनी नदी के पानी से खराब हुई फसलों का सर्वे करवाकर उचित मुआवजा दिया जाए।
- स्मार्ट मीटर योजना: बिजली विभाग में चल रही स्मार्ट मीटर योजना को तत्काल बंद किया जाए।
- नर्मदा नहर: नर्मदा नहर के अनकमांड क्षेत्रों को कमांड क्षेत्र से जोड़ा जाए।
- शिकायत निवारण समिति: सांचौर और चितलवाना में तहसील स्तरीय शिकायत निवारण समिति की बैठकें नियमित रूप से आयोजित की जाएं।
- सांचौर जिला बहाली: सांचौर जिले का दर्जा बहाल किया जाए।
- ग्रामीण सड़कें: सांचौर और चितलवाना की क्षतिग्रस्त ग्रामीण सड़कों की तुरंत मरम्मत की जाए, क्योंकि उनसे आवागमन में बाधा आ रही है।
विरोध प्रदर्शन और ज्ञापन
बैठक को संबोधित करते हुए किसान सभा के अध्यक्ष वीरद सिंह चौहान और मंत्री लक्ष्मण सिंह डूंगरी ने अपनी बात रखी। उपाध्यक्ष बाबूलाल जाट, तहसील अध्यक्ष भागीरथ गोदारा और मंत्री सुरेश खिलेरी ने भी विभिन्न मुद्दों पर जोर दिया। बालेरा वितरिका अध्यक्ष केसर सिंह सरवाना ने ग्रामीण सड़कों की खराब हालत पर चिंता व्यक्त की।
महापड़ाव को लेकर क्षेत्रवार कमेटियों का गठन कर कार्ययोजना भी बनाई गई। बैठक के बाद सभी किसान हाथों में बैनर लिए सरकार और रिलायंस कंपनी के विरोध में नारेबाजी करते हुए उपखंड कार्यालय चितलवाना पहुंचे। वहां उन्होंने उपखंड अधिकारी चितलवाना को अपनी मांगों का एक विस्तृत मांग पत्र और 5 अगस्त से शुरू होने वाले महापड़ाव का नोटिस सौंपा।
इस बैठक में धीमाराम खिलेरी, भंवर सिंह चरणीम, जयकिशन वरिंगाराम परावा, लादूराम, भागीरथ कांवा, किशनाराम नैण, जगदीश पूनिया, भाकराराम सारण, हरिराम गोदारा, भाखरा राम गोदारा, गोपाल सिंह झाब, सदाराम साहू, भगाराम, मानाराम, बाबूलाल खीचड़ डूंगरी, रावताराम खामराई, भागीरथ ढाका अमरापुरी, शंकरा राम नैण सरवाना, केसाराम, खेताराम गोरसिया, किशनाराम जाखड़ डूंगरी सहित कई किसान मौजूद रहे।



