पालनपुर।
भुज पुलिस स्टेशन में हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात विंदलराज रमेशचंद्र चौहान (उम्र 31) ने शनिवार शाम पालनपुर स्थित अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक के पास से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसमें भुज एसपी विकास सुंडा और नलिया पीआई बी.पी. खराड़ी पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
सुसाइड नोट में लिखा गया है कि दोनों अधिकारियों द्वारा मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। चौहान ने आरोप लगाया कि उन्हें झूठे कारणों से निलंबित कर सूरत के एक ग्रामीण क्षेत्र में स्थानांतरित कर दिया गया, जिससे उनका जीवन दूभर हो गया। पीड़ित का कहना था कि उनके लिए ड्यूटी करना असंभव बना दिया गया।

घटना के बाद उनका शव पालनपुर सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। लेकिन, परिजनों ने साफ कह दिया कि जब तक नामजद अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की जाती, तब तक शव स्वीकार नहीं किया जाएगा। रविवार शाम तक 24 घंटे बीत जाने के बावजूद परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया।
विंदलराज मूल रूप से पालनपुर तालुका के जगना गांव के निवासी थे और वर्तमान में आसोपालव सोसायटी में अपने परिवार के साथ रहते थे। शनिवार को वह अपने घर के ऊपरी कमरे में गए थे और देर तक बाहर नहीं आए। परिजनों ने जब दरवाजा खटखटाया तो कोई जवाब नहीं मिला। दरवाजा अंदर से बंद था। बाद में दरवाजा तोड़कर देखा तो वे फंदे पर लटके हुए मिले।
इस दुखद घटना ने पुलिस विभाग और क्षेत्र में शोक की लहर फैला दी है। परिजन अब तक न्याय की मांग पर अडिग हैं और शव को लेने से इंकार कर रहे हैं।
📍 पुलिसिया दबाव बना मौत की वजह
📄 सुसाइड नोट में नामजद अधिकारियों पर आरोप
⚖️ एफआईआर दर्ज होने तक शव लेने से इंकार
🏠 पालनपुर स्थित घर में लगाई फांसी
🧾 स्थानांतरण और निलंबन से थे मानसिक तनाव में



