37 वर्षों तक संभाली ज्ञान की कमान, विदाई समारोह में संत श्री किशनाराम फाउंडेशन को सौंपे 51 हजार रुपए, कर्मचारी संघ को दी 11 हजार की भेंट।
साधना के 37 वर्ष: विदाई पर भी नहीं छूटा समाज की सेवा का हाथ
सांचौर/सरनाऊ (विशेष रिपोर्ट: महेंद्र दाता) कहते हैं शिक्षक कभी सेवामुक्त नहीं होता, वह केवल अपनी भूमिका बदलता है। इस बात को अक्षरशः सच साबित कर दिखाया है लाछीवाड़ का गोलिया निवासी आदर्श शिक्षक श्री कानाराम जी करड़ (सुपुत्र श्री मोतीराम जी) ने। शिक्षा जगत में करीब 37 वर्षों की अनवरत और बेदाग सेवा के बाद 30 जून 2026 को वे राजकीय सेवा से ससम्मान सेवानिवृत्त हो गए। 5 मई 1989 को पहली बार सरकारी सेवा की दहलीज पर कदम रखने वाले कानाराम जी ने सादगी और समयबद्धता को ही अपने जीवन का मूलमंत्र बनाए रखा। तीन दशक से भी लंबे इस सफर में उन्होंने न जाने कितने ही नौनिहालों का भविष्य संवारा, उन्हें किताबी ज्ञान के साथ-साथ नैतिकता और जीवन जीने का सलीका भी सिखाया।

घर को दी तरक्की और समाज को सौंपी जीवन की पूंजी
कानाराम जी ने सिर्फ स्कूल में ही नहीं, बल्कि अपने व्यक्तिगत जीवन में भी संस्कारों की नई पौध तैयार की है। उनके एक सुपुत्र आज चिकित्सा क्षेत्र में डॉक्टर के रूप में मानव सेवा कर रहे हैं, तो दूसरे सुपुत्र अहमदाबाद में एक सफल व्यवसायी के रूप में नाम कमा रहे हैं। अपनी सेवानिवृत्ति के इस ऐतिहासिक और भावुक क्षण को यादगार बनाने के लिए गुरुजी के निवास स्थान पर एक विशाल रात्रि जागरण और भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस पुनीत अवसर पर उन्होंने एक ऐसी मिसाल पेश की, जिसने हर किसी का दिल जीत लिया। उन्होंने सामाजिक सरोकार निभाते हुए 'संत श्री किशनाराम फाउंडेशन संस्था, सरनाऊ' को ₹51,000 की सहयोग राशि और सांचौर, चितलवाना व सरनाऊ कर्मचारी संघ को ₹11,000 की सप्रेम भेंट सौंपी।
कृतज्ञ हुआ समाज, गूंजी मंगल कामनाएं
गुरुजी की इस अनुकरणीय और प्रेरक पहल पर पूरा समाज नतमस्तक नजर आया। फाउंडेशन के अध्यक्ष श्री अमृतलाल जी पांचला ने मंच से गुरुजी कानाराम जी का विशेष आभार व्यक्त करते हुए इस सहयोग राशि के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में मौजूद श्री भूराराम चौधरी ने भी उनके इस जज्बे को सलाम किया और उम्मीद जताई कि राजकीय सेवा से मुक्त होने के बाद अब समाज को उनका और भी अधिक सक्रिय मार्गदर्शन मिलता रहेगा।
इस गरिमामय और विदाई के आंसुओं से सराबोर कार्यक्रम में संस्था के सचिव हरिराम सिलाना, कोषाध्यक्ष वगताराम जी सांकड़ सहित सैकड़ों की संख्या में प्रबुद्ध समाजबंधु और ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने एक स्वर में संत श्री किशनाराम जी महाराज के चरणों में शीश नवाकर गुरुजी और उनके पूरे परिवार के सुखद, दीर्घायु, उज्ज्वल और आनंदमय भविष्य की मंगल कामना की।
इस गरिमामय कार्यक्रम में संस्था सचिव हरिराम सिलाना, कोषाध्यक्ष वगताराम जी सांकड़ सहित मंजीराम चौधरी (पूर्व भाजपा जिला उपाध्यक्ष), महादेवाराम देवासी (उप प्रधान रानीवाड़ा), भंवरलाल बिश्नोई (सीबीईओ सरनाऊ), केसाराम मेहरा, भेराराम बिश्नोई, मनोहर दान चारण, शंकरलाल व गोपाराम (ग्राम विकास अधिकारी), लालाराम (उपप्राचार्य दाता), दुदाराम (व्याख्याता), भूराराम दाता (शारीरिक शिक्षक) मोहनलाल (व्याख्याता), करनाराम (उपप्राचार्य), नरसाराम, मावाराम, चेलाराम बिछावाड़ी, मोहनलाल, प्रभाराम धरणावास, सैकड़ों की संख्या में समाजबंधु उपस्थित रहे।







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