वंचित और अभावग्रस्त परिवारों के बच्चों को मिलेगी संस्कारयुक्त उच्च शिक्षा, संतों के सान्निध्य और दिग्गजों की मौजूदगी में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भूमि पूजन संपन्न
सांचौर/जालोर। शिक्षा की मुख्यधारा से दूर सुदूर नेहड़ क्षेत्र के वंचित, पिछड़े एवं अत्यंत अभावग्रस्त परिवारों के बच्चों के उज्ज्वल भविष्य को संवारने के लिए एक ऐतिहासिक और अभूतपूर्व अध्याय की शुरुआत हुई है। विद्या भारती से संबद्ध 'कुसुमदेवी-भूरसिंहजी राव बोरली आदर्श विद्या मंदिर, सूंथड़ी' के नवीन और आधुनिक सुविधाओं से युक्त भवन का शिलान्यास समारोह मंगलवार, 23 जून 2026 को अत्यंत भव्य, गरिमामय और उत्सवपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। इस ऐतिहासिक और पावन अवसर पर पूरे नेहड़ क्षेत्र सहित जालोर-सिरोही और बाड़मेर जिले के कोने-कोने से हजारों की संख्या में ग्रामीण, जागरूक अभिभावक, मातृशक्ति, प्रबुद्धजन और प्रख्यात समाजसेवी साक्षी बनने पहुंचे, जिससे पूरा कार्यक्रम स्थल जन-उत्सव में तब्दील हो गया।

वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भूमि पूजन और संतों का सान्निध्य
कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ प्रातः 8 बजे पूर्ण विधि-विधान और वैदिक विद्वानों के सान्निध्य में आयोजित भूमि पूजन के साथ हुआ। मंत्रमुग्ध कर देने वाले वैदिक मंत्रोच्चार और शंखध्वनि के बीच नए शिक्षा मंदिर की आधारशिला रखी गई। भूमि पूजन के बाद प्रातः 10 बजे से एक विशाल मंचीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस समारोह को पूज्य संत कृपाराम जी महाराज (गुरु कृपा आश्रम, जोधपुर) के पावन सान्निध्य ने एक अलौकिक आध्यात्मिक ऊंचाई प्रदान की। महाराज श्री ने अपने आशीर्वचन में कहा कि शिक्षा के साथ जब संस्कारों का मेल होता है, तभी एक श्रेष्ठ राष्ट्र का निर्माण होता है। नेहड़ जैसे अभावग्रस्त क्षेत्र में यह विद्यालय अज्ञानता के अंधकार को मिटाकर ज्ञान का नया सवेरा लाएगा।

समाज के अंतिम छोर तक शिक्षा पहुंचाना ही परम ध्येय: निम्बाराम जी
मंचीय कार्यक्रम के मुख्य वक्ता, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र प्रचारक निम्बाराम जी भाईसाहब ने अपने ओजस्वी उद्बोधन में शिक्षा की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति और सबसे वंचित वर्ग के बालक तक उत्तम शिक्षा और राष्ट्रभक्ति के संस्कार पहुंचाना ही हमारा वास्तविक संकल्प है। यह भवन केवल ईंट-पत्थरों का ढांचा नहीं, बल्कि भविष्य के देशभक्त नागरिक तैयार करने की एक जीवंत प्रयोगशाला बनेगा।

विकास की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम: डॉ. सतीश पूनिया
समारोह के मुख्य अतिथि, राज्यसभा सांसद डॉ. सतीश पूनिया ने अपने संबोधन में इस अनुकरणीय पहल की दिल खोलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि सुदूर ग्रामीण अंचलों में ऐसे उत्कृष्ट शिक्षण संस्थानों की स्थापना क्षेत्रीय विकास की दिशा में सबसे बड़ा और दूरगामी कदम है। यह संस्थान आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को अंधकार से निकालकर उजाले की ओर ले जाएगा। विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री जोरारामजी कुमावत ने भी कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। उन्होंने शिक्षा के इस पुनीत और पवित्र कार्य की सराहना करते हुए अपनी ओर से हार्दिक शुभकामनाएं दीं और सरकार की तरफ से क्षेत्र के शैक्षिक विकास में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

श्रवण सिंह राव और बोरली परिवार के अतुलनीय योगदान की सराहना
इस भव्य भागीरथी कार्य को धरातल पर उतारने और कार्यक्रम के सफल आयोजन में आदर्श शिक्षण संस्थान, जालोर (मुख्यालय भीनमाल) की प्रबंध समिति और कार्यकर्ताओं की भूमिका बेहद सराहनीय रही। इसके साथ ही, विद्यालय भवन निर्माण के लिए अपना महत्वपूर्ण और अतुलनीय सहयोग प्रदान करने के लिए भामाशाह परिवार के सदस्यों को मंच से विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इस पुनीत कार्य के लिए मानसिंह, मनरूपसिंह, श्रवणसिह राव बोरली, करणसिंह, सतीश सिंह, नरपतसिंह, एवं कुसुमदेवी-भूरसिंहजी राव परिवार बोरली द्वारा दिए गए अद्वितीय, अनुकरणीय और ऐतिहासिक आर्थिक व सामाजिक सहयोग (क्रेडिट) की मुक्त कंठ से सराहना की गई और आभार व्यक्त किया गया। विशेष रूप से श्रवण सिंह राव के समर्पण भाव को संपूर्ण समाज ने सराहा।

समारोह में राजस्थान भर से उमड़ा राजनीतिक और सामाजिक दिग्गजों का कारवां
नेहड़ क्षेत्र के इतिहास में संभवतः यह पहला ऐसा अवसर था जब इतनी बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ राजनेता और समाज के विभिन्न क्षेत्रों के नेतृत्वकर्ता एक मंच पर एकत्रित हुए थे। इस भव्य शिलान्यास समारोह की साक्षी बनने वाली प्रमुख विभूतियों की सूची अत्यंत विशाल रही, जिसमें मुख्य रूप से:
जानकी प्रसाद गुप्ता, जालौर सिरोही सांसद लुंबाराम चौधरी, पूर्व सांसद जालौर सिरोही देवजी पटेल, आहोर विधायक छगन सिंह राजपुरोहित, चौहटन विधायक आदुराम मेगवाल, सांचौर विधायक जीवाराम चौधरी, जालौर जिला संगठन प्रभारी महेंद्र मेघवाल, बाड़मेर जिलाध्यक्ष अनंतराम बिश्नोई, जैसलमेर जिलाध्यक्ष दलपत हिगंडा, युवा मोर्चा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष हिमांशु शर्मा, रानीवाड़ा पूर्व विधायक नारायण सिंह देवल, रेवदर पूर्व विधायक जगसीराम कोली, पूर्व प्रदेश मंत्री सांवलाराम देवासी, पूर्व राज्य मंत्री भूपेंद्र देवासी, ओबीसी मोर्चा राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य खेमराज देसाई, पूर्व जिला प्रमुख वने सिंह गोहिल, सुप्रसिद्ध गायक कलाकार प्रकाश माली, राणा देवी सिंह, भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य दानाराम चौधरी, ग्राम सेवा सहकारी समिति रानीवाडा के चेयरमैन और मार्केटिंग सोसाइटी के डायरेक्टर गुमान सिंह राव {पत्रकार}, ओबीसी मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष आंबाराम देवासी, ओबीसी मोर्चा प्रदेश मंत्री प्रकाश जांगू, भाजपा जिला महामंत्री प्रकाश छाजेड़, भाजपा जिला उपाध्यक्ष केहराराम चौधरी, सांवलाराम देवासी, जिला मंत्री भरत सिंह भोजाणी, गीता बारोट, जिला प्रवक्ता जिला प्रकोष्ठ संयोजक भूर सिंह देवकी, भाजपा वरिष्ठ नेता मंगल सिंह सिराणा, एससी मोर्चा जिलाध्यक्ष बाबुलाल मेगवाल, अल्पसंख्यक मोर्चा जिलाध्यक्ष नसीर ख़ा, रामसिंह चारणीम, डॉ शीला बिश्नोई, मंडल अध्यक्ष जितेंद्र सिंह मरटवा, भवानी सिंह चौहान, गंगदाराम चौधरी, रमेश जाखड़, शोतान सिंह दांतीया, चंदन सिंह कालमा, रमेश आंजणा, भवरसिंह राजपुरा, प्रवीण दवे, गंगाराम माली, पर्वत सिंह भांडु, छगनलाल भाटी, रूगनाथ सिंह राजपुरोहित, उत्तम गर्ग, अर्जुन सिंह सरवाण, शंभू सिंह राव, सांवलाराम माली, रामगोपाल बुडिया, हंजारीराम पुरोहित, भावेश सोनी, भाजपा किसान मोर्चा जिला उपाध्यक्ष पहाड़ सिंह राव, गजेन्द्र सिंह कारोला, चोथाराम कोली, जयंतीलाल पुरोहित, प्रवीण माली, चुन्नीलाल खेजड़ीयाली, मोतीराम चौधरी, रुपाराम गहलोत, दलपत सिंह रणोदर, ईश्वरलाल मोदी, हरीश गर्ग, मांगीलाल दर्जी, सोहनलाल खत्री, माधु सिंह विरोल, चोखाराम सोनी, हाजाराम देवासी, मदन सिंह राव, विकास सोलंकी, डूंगराराम जाट, रमेश मेघवाल, रमेश सेन, नरेगाराम चौधरी, पुखराज बंगोटी, सहित सैकड़ों की संख्या में प्रबुद्धजन, कर्मठ समाजसेवी, राष्ट्रभक्त मातृशक्ति और स्थानीय प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे।

क्षेत्र के उत्थान का नया सूर्योदय
समग्र रूप से देखा जाए तो पूरा आयोजन गहरे उत्साह, अटूट श्रद्धा, राष्ट्रभक्ति और निस्वार्थ सेवा भाव के दिव्य वातावरण से सराबोर रहा। उपस्थित जनसमूह और वक्ताओं ने माना कि यह शिलान्यास समारोह न केवल नेहड़ क्षेत्र में आधुनिक और मूल्यवान शिक्षा के एक नए स्वर्णिम युग की शुरुआत का जीवंत प्रतीक बना है, बल्कि समाज के सबसे पिछड़े, शोषित और वंचित वर्ग के सामाजिक व आर्थिक उत्थान की दिशा में एक बेहद मजबूत, मील का पत्थर साबित होगा।







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