सांचौर/जालौर | बकाया फसल बीमा क्लेम और बेमौसम बारिश से हुए खराबे के सर्वे में बरती जा रही लापरवाही को लेकर किसानों का आक्रोश फूट पड़ा है। संयुक्त किसान मोर्चा के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला अध्यक्ष ईशराराम बिश्नोई के नेतृत्व में कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक से मुलाकात कर किसानों की ज्वलंत समस्याओं पर विस्तृत वार्ता की।
सर्वे में देरी और कंपनी की मनमानी पर उठाए सवाल
जिला मंत्री मकाराम चौधरी ने वार्ता के दौरान बताया कि सांचौर और चितलवाना क्षेत्र में बीते 19 मार्च 2026 को हुई बेमौसम बारिश ने रबी की फसलों (रायडा, जीरा, ईसबगोल और गेहूं) को भारी नुकसान पहुंचाया था। किसानों ने टोल फ्री नंबर पर समय रहते शिकायतें भी दर्ज कराईं, लेकिन बीमा कंपनी के कार्मिकों ने निर्धारित समय सीमा में कई गांवों का दौरा तक नहीं किया। राज्य सरकार के आदेशानुसार 20 तारीख तक सर्वे जारी था, जिसे अचानक रोक दिया गया, जिससे किसानों में भारी अनिश्चितता व्याप्त है।
गाइडलाइन के उल्लंघन पर जुर्माने की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने कृषि अधिकारी को अवगत कराया कि रिलायंस कंपनी की गाइडलाइन के मुताबिक कटी हुई फसल के नुकसान की सूचना मिलने के 14 दिन के भीतर सर्वे अनिवार्य है। इसके बावजूद डेढ़ महीना बीत जाने पर भी कंपनी ने कई क्षेत्रों में सर्वे नहीं किया है। जिला अध्यक्ष ईशराराम बिश्नोई ने इसे किसानों के साथ धोखा करार देते हुए कहा कि अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन करने पर कंपनी के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई और जुर्माना लगाया जाना चाहिए। वर्तमान में खेत खाली हो चुके हैं, ऐसी स्थिति में शिकायतकर्ता किसानों को शत-प्रतिशत खराबा मानकर क्लेम भुगतान किया जाए।
तीन साल से अधर में लटका है क्लेम
मोर्चा के उपाध्यक्ष विरद सिंह चौहान ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि तहसील स्तर पर शिकायत निस्तारण समिति (बीजीआरसी) की बैठकें नियमित रूप से नहीं हो रही हैं। उन्होंने खुलासा किया कि अधिकांश किसानों का वर्ष 2023 से लेकर 2025 तक का क्लेम पिछले तीन वर्षों से अधरझूल में लटका हुआ है।
संयुक्त निदेशक ने दिया त्वरित कार्रवाई का भरोसा
लंबी चर्चा और किसानों के तर्कों के बाद कृषि विभाग जालौर के संयुक्त निदेशक रामलाल जाट ने मोर्चा को आश्वस्त किया कि बकाया बीमा क्लेम और सर्वे संबंधी समस्याओं के निस्तारण के लिए विभाग त्वरित कदम उठाएगा। उन्होंने कंपनी को नियमानुसार निर्देशित करने का ठोस आश्वासन भी दिया। इस वार्ता के दौरान महेंद्र सिंह सहित विभाग का कार्यालय स्टाफ और मोर्चा के पदाधिकारी उपस्थित रहे।







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