सांचौर। अपनी ज्वलंत समस्याओं को लेकर आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर चुके किसानों ने अब सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरने की पूरी तैयारी कर ली है। संयुक्त किसान मोर्चा के 5 अगस्त को प्रस्तावित 'महापड़ाव' को सफल बनाने के लिए क्षेत्र में जनसंपर्क और बैठकों का तूफानी दौर जारी है, जिसे किसानों का भारी समर्थन मिल रहा है।
गाँव-ढाणी तक 'पीले चावल' का न्योता
मोर्चा के जिला अध्यक्ष ईशराराम बिश्नोई ने बताया कि किसानों की समस्याओं को लेकर महापड़ाव की तैयारी के लिए गठित कमेटियाँ गाँव-ढाणी तक पहुँचकर 'पीले चावल' बाँटकर किसानों को महापड़ाव में भाग लेने का न्योता दे रही हैं। जिला मंत्री मकारम चौधरी ने बताया कि इसी जनसंपर्क अभियान के तहत सूंटाकोई गाँव में तुलसीपुरी महाराज की अध्यक्षता और ईशराराम बिश्नोई, विरदसिंह चौहान, धीमाराम खिलेरी की देखरेख में एक बड़ी बैठक का आयोजन किया गया।

"सरकार कुंभकरणी नींद में, किसान सड़कों पर"
मकारम चौधरी ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि अन्नदाता कहलाने वाला किसान वर्ग आज अपने हकों के लिए सड़कों पर उतर रहा है, यह सरकार के लिए शुभ संकेत नहीं है। उन्होंने कहा कि मानव मात्र और जीवों की भूख मिटाने वाला वर्ग दुखी है, लेकिन जनकल्याणकारी कही जाने वाली सरकार कुंभकरणी नींद में सो रही है। ना तो प्रशासनिक अधिकारी और ना ही कोई जनप्रतिनिधि किसानों की पीड़ा के प्रति संवेदनशील है। उन्होंने चेतावनी दी कि 5 अगस्त के महापड़ाव में किसानों का आक्रोश और गुस्सा सड़कों पर दिखेगा।
रिलायंस पर साधा निशाना, बीमा क्लेम पर 'कुंडली' मारने का आरोप
विरद सिंह चौहान ने रिलायंस जैसी कंपनियों पर किसानों के हक मारने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह किसान विरोधी कंपनी है और इसे नकेल डालने के लिए किसानों को अपने हक और न्याय के लिए आर-पार का संघर्ष करना होगा। उन्होंने व्यंग्य कसते हुए कहा कि "रोम जल रहा था और नीरो बंशी बजा रहा था" का मुहावरा आज चरितार्थ हो रहा है। उन्होंने विशेष रूप से बताया कि इस कंपनी ने सांचौर और चितलवाना क्षेत्र के किसानों के बीमा क्लेम पर कुंडली मार रखी है।
आदान अनुदान और चितलवाना तहसील की लापरवाही पर गुस्सा
जिला अध्यक्ष ईशराराम बिश्नोई ने अपने संबोधन में राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्ष 2022 की खेती-किसानी और फसलों में हुए भारी नुकसान पर राज्य सरकार द्वारा आदान अनुदान की राशि स्वीकृत किए हुए तीन साल हो गए हैं। दोनों तहसीलों की लगभग 150 करोड़ रुपये की यह राशि अधर झूल में पड़ी है। उन्होंने कहा कि पहले चितलवाना के पोर्टल के बंद होने का बहाना बनाया जा रहा था, लेकिन अब पोर्टल भी खुल गया है और गिरदावरियाँ भी प्रदर्शित हो रही हैं।
बावजूद इसके, चितलवाना तहसील कार्यालय की घोर लापरवाही के कारण अभी तक सूचियाँ तैयार नहीं की जा रही हैं, जिसको लेकर आक्रोशित किसानों ने जमकर नारेबाजी भी की। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि यदि समय रहते फसल बीमा क्लेम और आदान अनुदान की राशि का भुगतान नहीं हुआ तो महापड़ाव के साथ-साथ हजारों किसान अगला बड़ा कदम उठाने को मजबूर होंगे।
सुंटाकोई की समस्याओं का ज्ञापन, 'स्मार्ट मीटर' का भी विरोध
विरद सिंह चौहान ने बताया कि सुंटाकोई गाँव के समस्त किसानों द्वारा अपना एक मांग पत्र और ज्ञापन भी दिया गया है। इसमें बकाया फसल बीमा क्लेम की राशि, नर्मदा नहर के सिस्टम की अव्यवस्थाओं, अनकमांड क्षेत्र को कमांड से जोड़ने, जल जीवन मिशन के तहत जानबूझकर कई घरों को नहीं जोड़ने, और बिजली विभाग की समस्याओं जैसे डीपी जलने के बाद कई दिनों तक चक्कर लगाने के बाद भी डीपी न मिलने पर किसानों के साथ हो रहे शोषण पर गहरी नाराजगी जताई गई।
धीमाराम खिलेरी ने जल जीवन मिशन के तहत नर्मदा नहर की पाइप लाइनों को तहस-नहस करने और टूटी पाइप लाइनों को ठीक न करने पर प्रशासन व नर्मदा विभाग के अधिकारियों को कई बार अवगत कराने के बावजूद कोई कार्रवाई न होने पर रोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि समाचार पत्रों में भी खबरें प्रकाशित हुईं, लेकिन "वही ढाक के तीन पात" वाली स्थिति बनी हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि हाल ही में लूनी नदी में पानी आने के कारण नेहड़ क्षेत्र की फसलें जलमग्न होकर खराब हो गई हैं, जिसके लिए सर्वे करवाकर मुआवजे की मांग की गई है। साथ ही, बिजली विभाग की स्मार्ट मीटर योजना का भी बैठक में जमकर विरोध किया गया।
सुंटाकोई में नई ग्राम इकाई का गठन, महापड़ाव में 100 किसान होंगे शामिल
बैठक में ग्राम इकाई सूंटाकोई का भी गठन किया गया, जिसमें चेनाराम बैरा को संरक्षक, जेरुपाराम चोटिया को अध्यक्ष, प्रभु राम कुड़कुडिया को सचिव, बाबूराम कंकड़ावा को कोषाध्यक्ष चुना गया। उपाध्यक्ष के रूप में पूनमा राम मेघवाल, भोमाराम दूधवाल, मोतीराम बांता को जिम्मेदारी दी गई। कार्यकारिणी सदस्य के रूप में मांगीलाल नाई, नरसिंह दास, बाबुराम कुडकुडिया, नथाराम मेघवाल, किशनाराम देवासी, किशनाराम जाजड़ा, चेनाराम भील और चेतन राम नांगल चुने गए। नवनिर्वाचित कार्यकारिणी को विरद सिंह चौहान ने शपथ दिलाई।
नवनिर्वाचित अध्यक्ष जेरुपाराम चोटिया ने 5 अगस्त के महापड़ाव में सूंटाकोई गाँव से 100 किसानों के भाग लेने की घोषणा की। इस अवसर पर दर्जनों की संख्या में किसान मौजूद रहे।







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