जालोर, 11 सितंबर, (सर्कल न्यूज़ नेटवर्क): जिले में लगातार हो रही अतिवृष्टि ने चितलवाना उपखंड क्षेत्र में भीषण तबाही मचाई है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। हालात का जायजा लेने के लिए जिला कलक्टर डॉ. प्रदीप के. गावंडे और जिला पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र सिंह इंदौलिया ने गुरुवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का तूफानी दौरा किया। दोनों अधिकारियों ने जान जोखिम में डालकर नाव और ट्रैक्टर की मदद से गांवों तक पहुंचकर ग्रामीणों का हाल जाना।

नाव से सुजानपुरा पहुंचे अधिकारी, सुनी ग्रामीणों की व्यथा
बाढ़ के पानी से घिरे सुजानपुरा गांव में पहुंचने के लिए कलेक्टर और एसपी को एनडीआरएफ की टीम के साथ नाव का सहारा लेना पड़ा। ग्रामीणों ने अधिकारियों के समक्ष अपनी पीड़ा व्यक्त की। उन्होंने बताया कि बारिश के दिनों में आवागमन पूरी तरह ठप हो जाता है। ग्रामीणों ने पुलिया निर्माण, जलभराव के स्थाई समाधान और मूलभूत सुविधाओं की कमी को दूर करने की मांग की।
कलेक्टर डॉ. गावंडे ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान किया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभावित क्षेत्रों में दवाइयां, राशन और अन्य आवश्यक सामग्री पहुंचाने के निर्देश दिए। साथ ही, जल निकासी की व्यवस्था को प्राथमिकता से ठीक करने के लिए कहा।

सरकारी अमला राहत कार्य में जुटा
इस दौरान अतिरिक्त जिला कलक्टर दौलताराम चौधरी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आवड़दान रत्नु, उपखण्ड अधिकारी देशलाराम परिहार, तहसीलदार चमनलाल सियोल और विकास अधिकारी आवड़दान चारण सहित कई अधिकारी भी मौजूद रहे। सभी ने मिलकर राहत और बचाव कार्यों को तेज करने पर जोर दिया। प्रशासन का कहना है कि बाढ़ प्रभावितों को हरसंभव मदद दी जाएगी और नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा भी प्रदान किया जाएगा।

आगे की योजना
प्रशासन ने अगले कुछ दिनों में प्रभावित क्षेत्रों में विशेष शिविर लगाकर स्वास्थ्य जांच और पशुओं के इलाज की व्यवस्था करने का निर्णय लिया है। साथ ही, जल निकासी के लिए बड़े स्तर पर पंपिंग सेट लगाने की योजना बनाई जा रही है ताकि गांवों को जल्द से जल्द सामान्य स्थिति में लाया जा सके। सरकार ने भी केंद्र से मदद का आग्रह किया है ताकि राहत कार्यों में कोई कमी न रहे।







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