पालनपुर: गुजरात सरकार ने 1 जनवरी 2025 को घोषित किए गए नए जिले वाव-थराद के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। इस घोषणा ने कई बदलाव लाए हैं, जिसमें सबसे महत्वपूर्ण है धानेरा और कांकरेज के लोगों का सफल विरोध। अब ये दोनों तहसीलें नए वाव-थराद जिले का हिस्सा नहीं होंगी, बल्कि इन्हें पुराने बनासकांठा जिले में ही रखा गया है। हालांकि, सबसे ज्यादा विरोध होने के बावजूद दियोदर को वाव-थराद जिले में ही शामिल किया गया है।

नए जिले का खाका तैयार
राज्य सरकार ने 17 नए तालुकों के गठन को भी मंजूरी दी है, जिसमें बनासकांठा और वाव-थराद जिले में चार नए तालुका शामिल हैं। कैबिनेट की मंजूरी के बाद अब वाव-थराद जिले में कुल 8 तालुका होंगे। पुराने 6 तालुकों - वाव, थराद, सुईगाम, भाभर, दियोदर और लाखणी के साथ दो नए तालुका राह और ढीमा को इसमें जोड़ा गया है। थराद को नए जिले का मुख्यालय बनाया गया है।

बनासकांठा में अब 10 तालुका
दूसरी ओर, बनासकांठा जिले में अब कुल 10 तालुका हो गए हैं। इसमें पालनपुर, डीसा, दांतीवाड़ा, अमीरगढ़, वडगाम, दांता, धानेरा, कांकरेज, ओगड़ और हडद शामिल हैं। इस निर्णय से यह स्पष्ट है कि सरकार ने जनता की मांगों को गंभीरता से लिया है, लेकिन सभी विरोधों को स्वीकार नहीं किया गया है।

यह नई व्यवस्था इन दोनों जिलों में प्रशासनिक और सामाजिक बदलाव लाएगी, जिसका प्रभाव आने वाले समय में देखने को मिलेगा।







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