भीनमाल। शुक्रवार को विश्नोई समाज के सैकड़ों लोगों ने भीनमाल उपखंड कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन करते हुए डॉ. राकेश विश्नोई की आत्महत्या प्रकरण में न्याय की माँग की। समाज के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा, जिसमें दोषी विभागाध्यक्ष के विरुद्ध सख़्त कार्रवाई की मांग की गई।
विश्नोई युवा जिला अध्यक्ष एडवोकेट श्रवण ढाका ने बताया कि डॉ. राकेश विश्नोई को उनके ही विभागाध्यक्ष द्वारा लंबे समय से शारीरिक, मानसिक व आर्थिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। इसी मानसिक दबाव और उत्पीड़न के चलते डॉ. राकेश ने आत्महत्या जैसा कदम उठाया।

उन्होंने बताया कि डॉ. राकेश ने अपनी मृत्यु से पूर्व दिए गए बयान में प्रताड़ना की पूरी कहानी दर्ज कराई है और प्रत्यक्ष रूप से विभागाध्यक्ष को आत्महत्या के लिए ज़िम्मेदार ठहराया है। बावजूद इसके अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे समाज में आक्रोश व्याप्त है।
ज्ञापन में समाज ने विभागाध्यक्ष को तत्काल प्रभाव से निलंबित या बर्खास्त करने, उसकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने और आत्महत्या के लिए उकसाने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर सख़्त कार्रवाई की माँग की है।

विश्नोई समाज ने चेताया कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो राज्यव्यापी आंदोलन की राह अपनाई जाएगी। समाज ने यह भी कहा कि यह सिर्फ एक व्यक्ति की नहीं, पूरे शिक्षित समाज की गरिमा से जुड़ा मामला है।
प्रदर्शन में विश्नोई युवा संगठन जिला अध्यक्ष एडवोकेट श्रवण ढाका, ट्रस्ट सचिव शिवनारायण बिश्नोई, शिक्षक संघ जिला अध्यक्ष जयकरण खिलेरी, ओमप्रकाश तेतरवाल, रमेश सारण सांकड़, विक्रम ढाका, रामनिवास भादु, गणपत ढाका, भिखाराम साऊ, सोहन खिलेरी, कमलेश ढाका, नरेश खिचड़, दिनेश गोदारा, राजपाल माजु, ओमप्रकाश समेत बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद रहे।
भीड़ में युवाओं, शिक्षकों और वरिष्ठ समाजबंधुओं की उपस्थिति यह साबित कर रही थी कि यह मामला केवल संवेदना का नहीं, बल्कि इंसाफ की लड़ाई का प्रतीक बन चुका है।







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