बनासकांठा: बनासकांठा जिले के सुईगाम, वाव, थराद और भाभर तालुकों में हाल ही में आई भारी बारिश और तूफान से हुए भयानक नुकसान के बाद राजनीति गरमा गई है। इस आपदा में प्रभावित किसानों और नागरिकों को तुरंत राहत देने की मांग को लेकर कांग्रेस सांसद गेनीबेन ठाकोर और कांग्रेस जिलाध्यक्ष गुलाब सिंह राजपूत ने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से मुलाकात की। खास बात यह रही कि इस बैठक में गुजरात विधानसभा के अध्यक्ष और स्थानीय भाजपा नेता शंकर भाई चौधरी भी मौजूद थे, जो दिखाता है कि यह मुद्दा राजनीतिक मतभेदों से परे है।
1000 करोड़ के विशेष पैकेज की मांग
पूर्व विधायक गुलाब सिंह राजपूत ने बताया कि 6 से 8 सितंबर 2025 के बीच हुई लगातार भारी बारिश से इन तालुकों में फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो गईं, जमीनें धंस गईं, कई घर ढह गए और बड़े पैमाने पर पशुधन की हानि हुई। इससे किसान और आम नागरिक बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के सामने कुछ अहम मांगें रखीं:
- तत्काल सर्वेक्षण और मुआवजा: फसल, जमीन और घरों को हुए नुकसान का तुरंत सर्वेक्षण कर पीड़ितों को आर्थिक मदद दी जाए। किसानों को हर हफ्ते नकद सहायता भी दी जाए।
- आवास और पुनर्वास: बेघर हुए परिवारों के लिए जल्द से जल्द रहने और पुनर्वास की व्यवस्था की जाए।
- पशुओं का निस्तारण: मरे हुए पशुओं का उचित निस्तारण किया जाए ताकि बीमारी न फैले, और जीवित पशुओं के लिए चारे का इंतजाम किया जाए।
- बढ़ाया जाए मुआवजा: किसानों को प्रति हेक्टेयर 50,000 रुपये से अधिक की सहायता दी जाए। इसके लिए 2 हेक्टेयर की सीमा को लचीला बनाया जाए। साथ ही, बटाईदारों को भी मुआवजा दिया जाए।
गुलाब सिंह राजपूत ने बताया कि इस कठिन घड़ी में, प्रभावित लोगों को फिर से खड़ा करने के लिए 1000 करोड़ रुपये के विशेष पैकेज की मांग भी की गई है। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है और जल्द से जल्द कार्रवाई का आश्वासन भी दिया है। यह देखना दिलचस्प होगा कि दोनों राजनीतिक दलों के नेता इस मुद्दे पर मिलकर कब तक काम करते हैं।







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