पुलिस थाना बागरा ने जालौर जिले में एक बड़ी नकबजनी वारदात का पर्दाफाश करते हुए शातिर नकबजन गमेती-गरासिया गैंग के सरगना सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई गांव डकातरा में हुई नकबजनी की घटना के एक माह के भीतर की गई, जिसमें चोरी गए 405 ग्राम सोना, 5.522 किलोग्राम चांदी और 50 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं। घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल, लोहे के सरिए, पेशकश, चोरी की गई मोटरसाइकिल और सोने-चांदी के जेवरात गलाने के उपकरण भी जब्त किए गए हैं।
घटना का विवरण
20 जुलाई 2025 को गांव डकातरा निवासी जग्गु भाई पुरोहित ने पुलिस थाना बागरा में शिकायत दर्ज कराई कि उनके घर के ताले टूटे हुए मिले और सोने-चांदी के गहने, चांदी की सिलिया, सिक्के और नकदी चोरी हो गए। वह अपने परिवार के साथ अहमदाबाद में रहते हैं और घटना की जानकारी उनके भाई गिरधारी ने दी। इस आधार पर प्रकरण संख्या 118/2025 धारा 331(4), 305(ए) भारतीय न्याय संहिता 2023 में दर्ज किया गया और माल-आरोपियों की तलाश शुरू की गई।

पुलिस की कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक शैलेंद्रसिंह इंदोलिया ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोतराम, वृताधिकारी गौतम जैन के सुपरविजन और थानाधिकारी मोहनलाल गर्ग के नेतृत्व में विशेष पुलिस टीमों का गठन किया। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर एमओबी टीम और डॉग स्क्वॉड की मदद ली। सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी सहायता, मुखबिरों की सूचना और सीडीआर विश्लेषण के आधार पर जांच की गई। संदिग्ध नकबजनों पर निगरानी रखी गई और 15 अगस्त 2025 को गैंग के मुख्य सरगना भारमाराम और उजमाराम को गिरफ्तार किया गया। बाद में 17 अगस्त 2025 को जेवरात खरीदने वाला जितेंद्र कुमार सोनी भी पकड़ा गया।
गैंग का तरीका
पुछताछ में पता चला कि गैंग का सरगना भारमाराम अपने साथियों के साथ पिण्डवाड़ा में वीर बावसी मंदिर के पास शराब पीता था। शाम 5-6 बजे मोबाइल बंद कर तीन लोग मोटरसाइकिल से सुनसान रास्तों से गांव के पास मोटरसाइकिल छुपाते थे। पैदल जाकर बंद मकानों के ताले तोड़कर सोने-चांदी के गहने चुराते थे। टूटे ताले दूर फेंक देते थे और घटनास्थल से मोटरसाइकिल चुराकर अपनी मोटरसाइकिल तक पहुंचते थे। चोरी का माल पत्थरों से तोड़कर नष्ट कर जितेंद्र सोनी को सस्ते में बेचते थे। कमाई से शराब और मीट की पार्टियां करते थे।
बरामदगी और पर्दाफाश
आरोपियों के कब्जे से 405 ग्राम सोना, 5.522 किलोग्राम चांदी, 50 हजार रुपये नकद, घटना में इस्तेमाल मोटरसाइकिल, लोहे के सरिए और जेवरात गलाने के उपकरण बरामद हुए। इस गैंग ने पुलिस थाना रामसीन, जसवंतपुरा और भीनमाल क्षेत्र में भी नकबजनी और मंदिर चोरी की वारदातों को अंजाम दिया, जिनका भी पर्दाफाश हुआ।
विशेष भूमिका
इस सफलता में दिनेश कुमार (कांस्टेबल 322) और किशनलाल (कांस्टेबल 722, साइबर सेल) की सराहनीय भूमिका रही। टीम में मोहनलाल गर्ग (थानाधिकारी), विशनसिंह (सुबेदार), रूपसिंह, मांगीलाल, नरेन्द्रसिंह, देवीसिंह, गौतमचंद, भगाराम और अन्य शामिल रहे।
आमजन से अपील
पुलिस ने बताया कि गैंग मारवाड़ के जालौर-सिरोही क्षेत्र में बंद मकानों को निशाना बनाता है, जहां लोग आभूषण ज्यादा रखते हैं। आमजन से अपील है कि कीमती आभूषण और नकदी बैंक लॉकर में रखें, बंद मकानों में कीमती सामान न छोड़ें और संदिग्ध व्यक्तियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें।







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