'सीसीटीवी' लगाने की नसीहत देने वाली पुलिस तीसरी चोरी पर भी ख़ामोश, सामराणी के मंदिरों में सेंध लगाकर चोर हुए फ़रार, क्या अवैध वसूली में व्यस्त है करड़ा थाना?
जालौर/रानीवाड़ा। (सर्कल न्यूज़ नेटवर्क)।
रानीवाड़ा उपखंड के अंतिम छोर पर स्थित करड़ा पुलिस थाने की सीमा में चोरों का आतंक चरम पर है, लेकिन पुलिस की कुंभकर्णी नींद टूटने का नाम नहीं ले रही है। जिले की लचर क़ानून-व्यवस्था पर यह एक ज़ोरदार तमाचा है कि जिस जनता ने पुलिस के कहे अनुसार मंदिर में सीसीटीवी कैमरे लगाए, चोरों ने उसी कैमरे के सामने हेलमेट पहनकर और मुंह बांधकर तीसरी बार चोरी की वारदात को अंजाम दिया और खाकी देखती रह गई। यह घटना सिर्फ चोरी नहीं, बल्कि स्थानीय पुलिस विभाग और राज्य सरकार के लिए एक कड़ी चेतावनी है कि जनता का भरोसा टूट रहा है।
इलाके में भय का माहौल: तीसरी बार लूटे गए मंदिर
घटना जालौर जिले के करड़ा पुलिस थाना क्षेत्र के सामराणी गांव की है, जहाँ ग्रामीणों की आस्था का बड़ा केंद्र - प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री बगस्थनी माताजी मंदिर और श्री बाटेश्वर महादेव मंदिर चोरों के निशाने पर है। दिनांक 07.11.2025 की देर रात 03:42 AM पर अज्ञात चोरों ने मंदिर के दरवाज़ों के ताले (लॉक) तोड़े, मंदिर में प्रवेश किया और दान पेटी (भंडारे) को तोड़कर लाखों की नकदी और गहने चुरा लिए। यह इस मंदिर में चोरी की तीसरी वारदात है।
ग्रामीणों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि बार-बार की चोरी के बाद पुलिस ने सिर्फ 'सीसीटीवी कैमरा लगाओ' की नसीहत दी। हमने उनका निर्देश माना, मगर चोरों ने इस बार भी बेख़ौफ़ होकर चोरी की, जिसका स्पष्ट रिकॉर्ड सीसीटीवी फुटेज में मौजूद है। लेकिन पुलिस ने आज तक एक भी चोर को गिरफ़्तार नहीं किया, जिसके चलते चोरों के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं।

🔥 जनता का सीधा आरोप: 'अवैध वसूली में व्यस्त है करड़ा पुलिस' 🔥
आक्रोशित ग्रामीणों ने जोधपुर रेंज आईजी, राजेश मीणा और जिला पुलिस अधीक्षक, शैलेन्द्र सिंह इंदोलिया को संबोधित एक सख़्त शिकायत भेजी है। इस शिकायत में न सिर्फ चोरी की घटना का ज़िक्र है, बल्कि करड़ा पुलिस थाने की कार्यप्रणाली पर सीधा और गंभीर आरोप भी लगाया गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस विभाग और करड़ा पुलिस के लिए यह चोरी की घटना एक खुली चुनौती है। उनका आरोप है कि पुलिस सिर्फ अवैध शराब की ब्रांचों और तस्करों से 'हफ्तावसूली' करने में व्यस्त है, जिसके कारण जनता के जान-माल और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा राम भरोसे चल रही है।
शिकायत में आगे कहा गया है, "पुलिस की नज़र में चोर बच नहीं सकता। उन्हें पूरे क्षेत्र सहित आदिवासी क्षेत्र में सक्रिय चोरों की 'जन्मकुंडली' अच्छी तरह मालूम है। वो चाहें तो 24 घंटों में चोरों को जेल भिजवा सकती है।"

प्रशासन को खुली चुनौती
सामराणी के ग्रामवासियों ने ज़ोरदार मांग की है कि:
- अज्ञात चोरों की तुरंत जाँच कर उन्हें शीघ्र अति शीघ्र गिरफ्तार किया जाए।
- चोरों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कानूनी कार्यवाही कर मुकदमा (FIR) दर्ज किया जाए।
- मंदिर से लूटा गया पैसा तत्काल मंदिर को वापस दिलवाया जाए।
- भविष्य में मंदिरों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
ग्रामीणों ने साफ़ चेतावनी दी है कि यदि चोरी की घटनाओं की पुनरावृत्ति हुई, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी पुलिस थाना करड़ा की होगी। ग्रामीणों ने जिला पुलिस अधीक्षक, शैलेन्द्र सिंह इंदोलिया और आईजी, राजेश मीणा पर पूरा भरोसा जताते हुए मांग की है कि वे तुरंत करड़ा पुलिस को आदेशित कर उनकी 'कुंभकर्णी नींद' को जगाएं।
सरकार की ज़वाबदेही
यह घटना राजस्थान में कानून-व्यवस्था की पोल खोलती है। जब मंदिर जैसे आस्था के केंद्र सुरक्षित नहीं हैं, तो आम आदमी का घर और दुकान कैसे सुरक्षित रहेगा? सरकार और पुलिस प्रशासन को यह समझना होगा कि उनका प्राथमिक दायित्व अवैध गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित करने की बजाय जनहित और क़ानून-व्यवस्था को बहाल करना है।







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