करड़ा मण्डल में श्री क्षत्रिय युवक संघ के तत्वावधान में दायित्वबोध पखवाड़ा संपन्न, वक्ताओं ने राष्ट्रनायक के 30 वर्षीय संघर्ष को किया नमन
सर्कल न्यूज नेटवर्क रानीवाड़ा/करड़ा। श्री क्षत्रिय युवक संघ के तत्वावधान में राष्ट्रनायक वीर दुर्गादास राठौड़ की जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित किए जा रहे 'दायित्वबोध पखवाड़ा' के तहत करड़ा मण्डल में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ छैलसिंह रतनपुर एवं अनोपसिंह करड़ा द्वारा दीप प्रज्ज्वलन व गणेश वंदना के साथ हुआ। इसके पश्चात संघ की स्वयंसेविका सुमन कंवर जाखड़ी ने पारंपरिक प्रार्थना 'क्षत्रिय कुल में' का सस्वर वाचन करवाया।
30 वर्षों का त्याग और संघर्ष आज भी प्रासंगिक समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता छैलसिंह रतनपुर ने कहा कि वीर दुर्गादास राठौड़ ने महाराजा अजीत सिंह को मारवाड़ की गद्दी पर बैठाने के लिए 30 वर्षों तक अनवरत संघर्ष किया। उनका अदम्य साहस, निःस्वार्थ त्याग और निष्ठा आज की युवा पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक है। वहीं अनोपसिंह करड़ा ने दुर्गादास जी के जीवन से जुड़े विभिन्न प्रेरक प्रसंगों पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम के दौरान वीरमसिंह सुरावा ने संघ के संस्थापक तनसिंह जी द्वारा रचित प्रसिद्ध रचना ‘क्षिप्रा के तीर’ का भावपूर्ण पठन किया।
क्षात्रधर्म पालन और आत्मचिंतन का संदेश मण्डल प्रमुख फुलसिंह जाखड़ी ने अपने विचार रखते हुए कहा कि मेवाड़, मारवाड़, आमेर और दक्षिण भारत को एकजुट करने के लिए दुर्गादास जी जीवन भर प्रयासरत रहे। जिस प्रकार के सशक्त व अनुशासित संगठन की कल्पना दुर्गादास जी करते थे, वैसा संगठन आज 'श्री क्षत्रिय युवक संघ' के रूप में हमारे बीच उपस्थित है। उन्होंने स्वयंसेवकों को आत्मचिंतन करने का आह्वान करते हुए कहा कि दुर्गादास जी का जीवन क्षात्रधर्म के पालन हेतु दीपक की तरह जलने की मिसाल है, और उनके बताए कर्तव्य-पथ पर चलकर ही उनकी महान परंपरा को अक्षुण्ण रखा जा सकता है।
आयोजन में इनकी रही उपस्थिति कार्यक्रम में जेठुसिंह, कृष्ण सिंह, ईश्वर सिंह, नारायण सिंह, तेजसिंह, माधुसिंह, दिलीप सिंह, नेपाल सिंह, श्रवण सिंह, अवतार सिंह, युवराजसिंह (करड़ा), गणपतसिंह (पुर), माधुसिंह, गणपतसिंह (रतनपुर), सतपालसिंह (जाखड़ी), प्रवीण सिंह (सुरावा) सहित बड़ी संख्या में करड़ा मण्डल के स्वयंसेवक व बालिकाएं उपस्थित रहीं। संपूर्ण कार्यक्रम का कुशल संचालन वीरमसिंह सुरावा द्वारा किया गया।
जानिए क्या है 'दायित्वबोध पखवाड़ा' अभियान श्री क्षत्रिय युवक संघ द्वारा प्रतिवर्ष राष्ट्रनायक वीर दुर्गादास राठौड़ की जयंती के अवसर पर 'दायित्वबोध पखवाड़ा' का आयोजन किया जाता है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज के युवाओं व बालिकाओं में राष्ट्रभक्ति, सामाजिक उत्तरदायित्व, नैतिक मूल्यों और क्षात्रधर्म के संस्कारों का जागरण करना है। पखवाड़े के दौरान विभिन्न मण्डलों और शाखाओं में विचार गोष्ठियों, प्रार्थना सभाओं और चरित्र निर्माण शिविरों के माध्यम से समाज को संगठित व अनुशासित बनाने का संदेश दिया जाता है।
श्री क्षत्रिय युवक संघ: एक परिचय श्री क्षत्रिय युवक संघ (स्थापना 1946, पूज्य तनसिंह जी द्वारा) एक गैर-राजनीतिक, सामाजिक व सांस्कृतिक संगठन है। इसका मूल उद्देश्य बालकों, नवयुवकों और बालिकाओं में व्यक्तिगत चरित्र निर्माण, समाज सेवा, त्याग और सांस्कृतिक चेतना का संचार करना है। संगठन शिविर प्रणाली और नियमित संस्कार केंद्रों के जरिए समाज में समरसता और दायित्वबोध की भावना को सुदृढ़ करने के कार्य में संलग्न है।









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