सांचोर: नर्मदा नहर परियोजना की जल वितरण समिति की बैठक में किसानों की समस्याओं को लेकर बड़ा हंगामा देखने को मिला। राजस्थान किसान सभा और डिग्गी यूनियन ने प्रभारी मंत्री के.के. बिश्नोई और संभागीय आयुक्त को अलग-अलग ज्ञापन सौंपकर अपनी माँगें रखीं।
किसानों का आरोप: केवल 30 सेकंड का समय
बैठक के बाद डिग्गी यूनियन अध्यक्ष ईशराराम बिश्नोई और किसान नेता विरद सिंह चौहान ने मीडिया को बताया कि जब किसान अपनी गंभीर समस्याओं को लेकर बात करना चाहते थे, तो प्रभारी मंत्री द्वारा उन्हें केवल '30 सेकंड' का समय लेने की बात कहकर अनसुना कर दिया गया, जिस पर किसानों ने गहरी नाराजगी जताई।

प्रमुख माँगे और रिलायंस कंपनी पर गंभीर आरोप
- नर्मदा नहर के मुद्दे: ईशराराम बिश्नोई ने नर्मदा नहर और वितरिकाओं की तत्काल साफ-सफाई और मरम्मत की मांग की। साथ ही, जल जीवन मिशन के तहत तोड़ी गई पाइपलाइनों को ठीक करवाने और टेल तक पानी पहुँचाने की मांग भी रखी।
- फसल बीमा क्लेम विवाद: राजस्थान किसान सभा के जिला अध्यक्ष विरद सिंह चौहान ने ज्ञापन में बताया कि तूफानी बारिश और नदी के जल भराव से खरीफ की फसलें खराब हो गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि क्रॉप कटिंग में रिलायंस कंपनी और कृषि कर्मियों ने पहले तो मूंगफली में खराबा दर्शाया, लेकिन एक घंटे बाद ही उस पर आपत्ति लगा दी, जिससे स्पष्ट होता है कि कंपनी किसानों को क्लेम नहीं देना चाहती है।

- बकाया भुगतान की मांग: चौहान ने पिछले दो वर्षों से सांचौर और चितलवाना के आधे से अधिक गाँवों को रबी और खरीफ के बीमा क्लेम से वंचित रखने का मुद्दा उठाया। उन्होंने चितलवाना के 40 गाँवों की आदान अनुदान बकाया राशि हेतु गिरदावरी पोर्टल खुलवाकर और बजट आवंटन कर तुरंत भुगतान की मांग भी रखी।
प्रभारी मंत्री के.के. बिश्नोई ने सभी समस्याओं के त्वरित समाधान का आश्वासन दिया है। इस मौके पर ईशराराम बिश्नोई, मकारम चौधरी, विरद सिंह चौहान, रेवत सिंह डभाल सहित कई किसान मौजूद रहे।







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