📍 सांचौर – 15 मई 2025 को संयुक्त किसान मोर्चा सांचौर की आवश्यक बैठक जिला अध्यक्ष ईशराराम बिश्नोई की अध्यक्षता में डाक बंगला सांचौर में आयोजित हुई। इस बैठक में किसानों की विभिन्न समस्याओं पर विचार-विमर्श किया गया और आगामी 20 मई को भारत में होने वाली आम हड़ताल में मोर्चा की भागीदारी पर चर्चा हुई।
🔸 पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा बैठक में 22 अप्रैल को पहलगाम में पाकिस्तानी आतंकियों द्वारा 26 भारतीय पर्यटकों की निर्मम हत्या की घोर निंदा की गई। श्रद्धांजलि स्वरूप दो मिनट का मौन रखा गया।
🔹 ऑपरेशन सिंदूर की सराहना भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तानी आतंकवादियों के ठिकानों को नष्ट कर मुंहतोड़ जवाब देने पर मोर्चा ने भारतीय सैनिकों के शौर्य और साहस की प्रशंसा की।
🔸 प्रशासन द्वारा समझौते के पालन न करने पर रोष संयुक्त किसान मोर्चा ने पूर्व मंत्री सुखराम बिश्नोई के आमरण अनशन और किसान मोर्चा के ज्ञापन के अनुसार प्रशासन द्वारा किए गए लिखित समझौते को पूर्ण रूप से लागू न करने पर आक्रोश व्यक्त किया।
🔹 किसानों के हित में मोर्चा की मांग राजस्थान किसान सभा के जिला अध्यक्ष विरद सिंह चौहान ने बताया कि किसानों की आदान अनुदान की बकाया राशि, रबी 2023 की फसल बीमा क्लेम में रिलायंस कंपनी की मनमानी सहित अन्य समस्याओं से किसानों में भारी असंतोष है। इन मुद्दों पर चर्चा के लिए मोर्चा का प्रतिनिधि मंडल विधायक जीवाराम चौधरी, सांसद लुंबाराम चौधरी और कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा से मिलेगा।
🔸 स्थानीय समस्याओं पर भी जोर राजस्थान किसान सभा तहसील सांचौर के अध्यक्ष भाकराराम रावतसर और तहसील मंत्री राजूराम कुराड़ा ने नर्मदा नहर, जल जीवन मिशन और बिजली विभाग से जुड़ी समस्याओं के समाधान की मांग उठाई।
🔹 20 मई को अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने का आह्वान संयुक्त किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष ईशराराम बिश्नोई ने कहा कि 20 मई को पूरे देश में किसानों और मजदूरों की आम हड़ताल में किसानों, युवाओं, बेरोजगारों और मजदूरों को अधिक से अधिक संख्या में सांचौर मुख्यालय पर भाग लेने का आह्वान किया।
🔸 संघर्ष की शक्ति पर जोर किसान सभा के जिला मंत्री लक्ष्मण सिंह डूंगरी ने कहा कि संगठन में शक्ति है और संघर्ष कभी निष्फल नहीं जाता।
🔹 बैठक में मौजूद प्रमुख किसान नेता बैठक में ईशराराम बिश्नोई, मकारम चौधरी, विरद सिंह चौहान, भाकराराम रावतसर, लादूराम, मकनाराम, जगदीश पूनिया, भाखरा राम गोदारा, भाखरा राम सारण, लक्ष्मण सिंह डूंगरी, राजूराम अरणाय, बाबूलाल बिश्नोई, इंद्र सिंह आंबा, गोलिया धनराज मेघवाल, केसर सिंह सरवाना, भागीरथ ढाका, शंकर लाल नैण, जोगाराम करोला, दरगाराम मेघवाल रावतसर सहित कई किसान मौजूद रहे।
🛑 संयुक्त किसान मोर्चा ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो किसानों का आंदोलन और अधिक तीव्र होगा।







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