रानीवाडा | संयुक्त निदेशक पशुपालन विभाग, जोधपुर के निर्देशन में राज्य स्तरीय राष्ट्रीय पशुधन मिशन उद्यमिता विकास कार्यक्रम 2026 के अंतर्गत आयोजित एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में पशुपालकों की समस्याओं और जरूरतों को मजबूती से उठाने का अवसर मिला। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पशुपालकों को विभागीय योजनाओं की जानकारी देना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मार्गदर्शन करना रहा।
प्रशिक्षण के दौरान पशुपालन विभाग द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की गई। साथ ही, विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष क्षेत्र के पशुपालकों की वास्तविक जरूरतों, चुनौतियों और अपेक्षाओं को साझा किया गया।

इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम में रानीवाड़ा तहसील के धानोल गांव से अरविंद चौधरी, विरेंद्र भाई कोली, रमेश कुमार चौधरी एवं बगदाराम चौधरी ने सक्रिय सहभागिता निभाई। कार्यक्रम के दौरान प्रतिनिधियों द्वारा धानोल गांव स्थित पशु चिकित्सालय को वर्तमान तृतीय श्रेणी से क्रमोन्नत कर प्रथम श्रेणी किए जाने की मांग को लेकर पशुपालन निदेशक एवं संबंधित अधिकारियों के समक्ष औपचारिक निवेदन प्रस्तुत किया गया, जिससे क्षेत्र के पशुपालकों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकें।
कार्यक्रम में संयुक्त निदेशक पशुपालन विभाग, जोधपुर, पशुपालन विभाग, जालोर, नोडल अधिकारी रानीवाड़ा तथा डॉ. नवीन जी (धानोल) की भूमिका सराहनीय रही। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम ने पशुपालकों को न केवल योजनाओं से जोड़ने का कार्य किया, बल्कि उनकी आवाज को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
यह आयोजन पशुपालकों के हितों की दिशा में एक सकारात्मक और प्रभावी पहल साबित हुआ।







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