अमृत भारत योजना से बदल रही तस्वीर: औद्योगिक नगरी को मिलेगी आधुनिक पहचान, यात्रियों के लिए सुविधाओं का लगेगा अंबार
Circle News Network
गोटन। कभी चूना पत्थर की धूल और सीमेंट उद्योग के लिए पहचाने जाने वाला गोटन कस्बा अब आधुनिक विकास की नई राह पर आगे बढ़ रहा है। केंद्र सरकार की 'अमृत भारत स्टेशन योजना' के तहत गोटन रेलवे स्टेशन का तेजी से पुनर्विकास किया जा रहा है। इस कायाकल्प से न केवल रेलवे स्टेशन का स्वरूप बदलेगा, बल्कि पूरे क्षेत्र की आर्थिक और सामाजिक तस्वीर को भी एक नई व भव्य पहचान हासिल होगी।
स्थानीय स्थापत्य और आधुनिकता का अनूठा संगम
नागौर जिले का महत्वपूर्ण कस्बा गोटन वर्षों से सीमेंट उद्योग, खनिज परिवहन और व्यापारिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र रहा है। ऐतिहासिक रूप से स्थानीय ठिकानों और जागीरों से जुड़ा यह क्षेत्र चूना पत्थर के विशाल भंडार के कारण औद्योगिक नक्शे पर अपनी अलग पहचान बना चुका है। रेलवे लाइन आने के बाद गोटन का महत्व और बढ़ा तथा यह व्यापार और आवागमन का अहम केंद्र बन गया। अब इसी ऐतिहासिक और औद्योगिक पहचान को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है।
करीब ₹18.93 करोड़ की लागत से स्टेशन का पुनर्विकास कार्य अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। नई स्टेशन बिल्डिंग को खास तौर पर स्थानीय राजस्थानी स्थापत्य शैली (Heritage Architecture) में तैयार किया जा रहा है, ताकि आधुनिक सुविधाओं के साथ-साथ क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत भी जीवंत बनी रहे।
स्टेशन परिसर में मिलेंगी यह विश्वस्तरीय सुविधाएं
उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन के अनुसार, जोधपुर-जयपुर रेलमार्ग पर स्थित गोटन स्टेशन लंबे समय से सीमेंट, खनिज लोडिंग-अनलोडिंग और औद्योगिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। यहां प्रतिदिन करीब 20 जोड़ी ट्रेनों का ठहराव होता है और लगभग 3 हजार यात्रियों का आवागमन रहता है। यात्रियों के इसी दबाव और सुविधा को ध्यान में रखते हुए स्टेशन को हाईटेक बनाया जा रहा है:
- भव्य प्रवेश द्वार व वेटिंग हॉल: स्टेशन परिसर में चौड़े प्रवेश द्वार और विशाल वेटिंग हॉल बनाए जा रहे हैं।
- बेहतर सर्कुलेटिंग एरिया: वाहनों के आवागमन और पार्किंग के लिए सुव्यवस्थित ट्रैफिक व्यवस्था की जा रही है।
- फुट ओवर ब्रिज (FOB): प्लेटफॉर्मों के बीच सुरक्षित आवाजाही के लिए आधुनिक फुट ओवर ब्रिज का निर्माण तेजी से चल रहा है।
- दिव्यांगजन अनुकूल सुविधाएं: दिव्यांग यात्रियों की सुविधा के लिए विशेष रैंप और रेलिंग लगाई जा रही हैं।
- अन्य आधुनिक कार्य: स्टेशन पर आधुनिक टॉयलेट ब्लॉक, बेहतरीन ड्रेनेज सिस्टम, पार्सल ऑफिस, इलेक्ट्रिकल रूम और डिजिटल डिस्प्ले जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
यह बदलाव केवल निर्माण कार्य नहीं, बल्कि बदलती सोच का प्रतीक है
रेलवे अधिकारियों का मानना है कि गोटन स्टेशन का यह कायाकल्प केवल सीमेंट और पत्थरों का ढांचा खड़ा करना नहीं है, बल्कि बदलती सोच और क्षेत्रीय विकास का प्रतीक है। आधुनिक सुविधाओं से लैस यह स्टेशन स्थानीय व्यापार, उद्योग और पर्यटन गतिविधियों को एक नई गति देगा।मजबूत होगी क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था की धुरी
फिलहाल स्टेशन पर फिनिशिंग का कार्य युद्धस्तर पर जारी है और रेलवे का लक्ष्य जल्द ही इसे पूरी तरह आधुनिक स्वरूप में यात्रियों को समर्पित करना है। पुनर्विकास के बाद गोटन स्टेशन क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था की मजबूत धुरी के रूप में और अधिक प्रभावी भूमिका निभाएगा। क्योंकि स्टेशन केवल सफर की जगह नहीं होते, वे किसी शहर की पहचान और धड़कन होते हैं; और गोटन की यह धड़कन अब नई रफ्तार से धड़कने को पूरी तरह तैयार है।







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