केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव की बड़ी घोषणा; लैम रिसर्च के 'सेमीवर्स' प्लेटफॉर्म से छात्रों को मिलेगा 3D सेमीकंडक्टर का व्यावहारिक प्रशिक्षण
जयपुर। देश में तकनीक और अनुसंधान के क्षेत्र में राजस्थान के नाम आज एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी, रेल एवं सूचना प्रसारण मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने आज मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (MNIT), जयपुर में उन्नत क्वांटम कंप्यूटिंग, क्वांटम संचार और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) प्रयोगशालाएं स्थापित किए जाने की ऐतिहासिक घोषणा की है।

संस्थान के विद्यार्थियों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा, "तकनीक की मौजूदा लहर जहां AI द्वारा संचालित है, वहीं अब अगली प्रमुख तकनीकी लहर क्वांटम प्रौद्योगिकी की होगी।"
राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम होगी यह लैब
यह परियोजना इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की 'इलेक्ट्रॉनिकी और आईसीटी अकादमिक परियोजना' के तहत धरातल पर उतरेगी। इसका मुख्य उद्देश्य देश को तकनीक के मामले में आत्मनिर्भर बनाना है।
- स्वदेशी क्षमता का विकास: लैब के जरिए सुरक्षित संचार विकसित करने के लिए 'क्वांटम की डिस्ट्रीब्यूशन', क्वांटम कंप्यूटिंग सिमुलेशन और क्वांटम सेंसिंग हार्डवेयर घटकों में स्वदेशी क्षमता विकसित की जाएगी।
- साइबर सुरक्षा में नेतृत्व: श्री वैष्णव ने MNIT जयपुर का आह्वान किया कि वह 'पोस्ट-क्वांटम क्रिप्टोग्राफी' (भविष्य के सुपर कंप्यूटरों के हमलों से डेटा को सुरक्षित रखने की तकनीक) के क्षेत्र में देश का नेतृत्व करे। यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण है।

लैम रिसर्च का 'सेमीवर्स' प्लेटफॉर्म सिखाएगा चिप निर्माण
चिप निर्माण के क्षेत्र में छात्रों को वैश्विक स्तर का अनुभव देने के लिए MNIT के विद्यार्थियों को लैम रिसर्च के 'सेमीवर्स सेमीकंडक्टर प्लेटफॉर्म' की सुविधा मिलेगी।
क्या है सेमीवर्स प्लेटफॉर्म? यह एक डिजिटल ट्विन (आभासी रूप) पर आधारित सेमीकंडक्टर निर्माण और प्रशिक्षण पारितंत्र है। इसके माध्यम से विद्यार्थी अब सेमीकंडक्टर चिप की जटिल संरचनाओं का 3D स्वरूप में अध्ययन कर सकेंगे और आभासी (Virtual) वातावरण में ही चिप निर्माण की पूरी प्रक्रिया का लाइव अनुकरण कर सकेंगे।
श्री वैष्णव ने बताया कि आने वाले समय में दुनिया भर में 10 लाख से अधिक सेमीकंडक्टर डिज़ाइन पेशेवरों की मांग होगी, जिसे भारत आसानी से पूरा कर सकता है। फिलहाल एनवीडिया, क्वालकॉम, एआरएम और एएमडी जैसी दिग्गज कंपनियां भारत में ही 2 और 3 नैनोमीटर के उन्नत चिप्स डिजाइन कर रही हैं।
'चिप्स टू स्टार्टअप' से जुड़ेंगे छात्र, इंडियाएआई मिशन का बनेगी हिस्सा
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि सरकार 'चिप्स टू स्टार्टअप' (C2S) कार्यक्रम के तहत देश के 323 से अधिक विश्वविद्यालयों को सिनॉप्सिस, कैडेंस और रेनेसास जैसी कंपनियों के अत्याधुनिक डिजाइन उपकरण मुफ्त उपलब्ध करा रही है। इसी का परिणाम है कि छात्रों द्वारा डिजाइन किए गए 100 से अधिक चिप्स मोहाली की सेमीकंडक्टर लैब में तैयार भी हो चुके हैं।
इसके साथ ही जयपुर में बनने वाली नई AI लैब को 'इंडियाएआई मिशन नेटवर्क' से जोड़ा जाएगा, जहां अनुसंधान के लिए सुपरकंप्यूटिंग सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने इस दौरान आईआईटी जोधपुर द्वारा डीपफेक डिटेक्शन तकनीक पर किए जा रहे बेहतरीन कार्यों की भी सराहना की।
'मेकर्स लैब' का भी हुआ उद्घाटन
दौरे के अंत में श्री अश्विनी वैष्णव ने राजस्थान सरकार के ऊर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री हीरालाल नागर और सिविल लाइंस विधायक श्री गोपाल शर्मा के साथ संस्थान में 'मेकर्स लैब' का उद्घाटन किया। यह अनूठी लैब विद्यार्थियों को सेंसर, एम्बेडेड सिस्टम और इलेक्ट्रॉनिक प्रणालियों के जरिए सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर का व्यावहारिक (प्रैक्टिकल) प्रशिक्षण देगी।
इससे पहले केंद्रीय मंत्री ने छात्रों द्वारा रोबोटिक्स, ड्रोन, और एआई पर बनाए गए लाइव प्रोजेक्ट्स की प्रदर्शनी देखी और उनकी पीठ थपथपाई।







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