थराद (बनासकांठा)। उत्तर गुजरात के थराद से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां ‘ऑनर किलिंग’ के एक सनसनीखेज केस में एक पिता ने अपने ही भाई के साथ मिलकर अपनी बेटी की बेरहमी से हत्या कर दी। इतना ही नहीं, सबूतों को मिटाने के लिए दोनों आरोपियों ने बेटी का रातोंरात अंतिम संस्कार भी कर दिया। इस घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है।
क्या है पूरा मामला?
थराद तालुका के दांतिया गांव की चंद्रिका चौधरी पालनपुर में नीट की तैयारी कर रही थी, जहां उसका थराद के ही नरेश चौधरी से प्रेम प्रसंग हो गया। दोनों ने शादी करने का फैसला किया और मैत्री करार करके साथ रहने लगे। लेकिन यह बात चंद्रिका के परिवार को नागवार गुजरी।
जब चंद्रिका के लापता होने पर उसके पिता सेंधाभाई चौधरी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, तो पुलिस दोनों को राजस्थान से वापस ले आई। पुलिस ने चंद्रिका को उसके परिवार को सौंप दिया, जबकि नरेश को एक पुराने मामले में गिरफ्तार कर लिया गया।

“मेरे घरवाले मुझे मार डालेंगे… प्लीज बचा लो”
पुलिस से छूटने के बाद नरेश ने अपना मोबाइल चेक किया, तो चंद्रिका के कई मैसेज मिले। इन मैसेजों में चंद्रिका ने आशंका जताई थी, “मेरे परिवार वाले मेरी जबरदस्ती शादी करा देंगे, अगर मैंने बात नहीं मानी तो वे मुझे मार डालेंगे। प्लीज मुझे यहां से ले जाओ।”
इन मैसेजों को देखने के बाद नरेश ने गुजरात हाई कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका (Habeas Corpus) दायर की। कोर्ट ने 27 जून 2025 को चंद्रिका को पेश करने का आदेश दिया, लेकिन इससे पहले ही 24 जून की रात चंद्रिका की निर्मम हत्या कर दी गई।
दोषियों का क्रूर प्लान: दूध में नींद की गोलियां, फिर गला घोंटकर हत्या
पुलिस जांच में पता चला कि चंद्रिका के पिता सेंधाभाई चौधरी और उसके चाचा शिवराम चौधरी ने मिलकर इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। उन्होंने योजना बनाकर चंद्रिका को दूध में नींद की गोलियां मिलाकर दीं। जब वह बेहोश हो गई, तो दोनों ने मिलकर उसका गला घोंट दिया।
सबूतों को मिटाने के लिए उन्होंने किसी को बताए बिना और बिना पोस्टमार्टम कराए रातोंरात उसका अंतिम संस्कार कर दिया। उन्होंने गांव में यह झूठी खबर भी फैला दी कि चंद्रिका ने आत्महत्या कर ली है।

प्रेमी की शिकायत पर खुला राज, आरोपी पिता-चाचा गिरफ्तार
चंद्रिका की मौत से दुखी नरेश को उसकी आत्महत्या पर शक हुआ। उसने इस मामले की निष्पक्ष जांच के लिए पुलिस अधीक्षक से लेकर डीजीपी और गृह मंत्रालय तक गुहार लगाई। जांच के बाद यह खुलासा हुआ कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि हत्या थी। पुलिस ने नरेश की शिकायत पर BNS 103(1), 123, 238, 54 के तहत मामला दर्ज कर चंद्रिका के पिता और चाचा को गिरफ्तार कर लिया है।
इस क्रूर घटना से पूरा समाज स्तब्ध है और दोनों आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग कर रहा है।



