सांचौर। राजस्थान पुलिस के तीन दिवसीय विशेष अभियान के तहत सांचौर पुलिस को एक बड़ी और ऐतिहासिक सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने पिछले 25 वर्षों से कानून की आंखों में धूल झोंक रहे 25,000 रुपये के इनामी उद्घोषित अपराधी गंगा सिंह उर्फ भीम सिंह को दबोच लिया है। शातिर अपराधी ने अपनी पहचान छिपाने के लिए न केवल आधार कार्ड में पता बदलवाया, बल्कि पुलिस से बचने के लिए ‘साधु’ का भेष धारण कर लिया था।
वारदात का फ्लैशबैक: फिरौती के लिए अपहरण और 24 साल की फरारी
यह मामला साल 2001 का है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी गंगा सिंह (पुत्र मंगल सिंह, निवासी शेरगढ़, जोधपुर) का पीड़ित रामनिवास के साथ रुपयों के लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था। आरोपी पक्ष द्वारा 10 लाख रुपये की नाजायज मांग की जा रही थी।
- 06 नवंबर 2001: जब रामनिवास अपनी कार से जा रहे थे, तब आरोपी गंगा सिंह ने अपने साथियों के साथ हथियारों के बल पर उनका अपहरण कर लिया।
- मुकदमा: इस सनसनीखेज वारदात के बाद थाना साांचौर में धारा 364A, 365 सहित अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ।
- फरारी: वारदात के बाद से ही मुख्य आरोपी फरार हो गया, जिसे न्यायालय ने भगोड़ा (मफरूर) घोषित कर इनाम रखा था।
साधु बनकर छिपा रहा पहचान, बदला आधार का पता
पकड़े जाने के डर से आरोपी ने अपना हुलिया पूरी तरह बदल लिया था। उसने भगवा चोला ओढ़कर साधु का भेष बना लिया और अलग-अलग स्थानों पर छिपता रहा। चालाकी की हद तो तब हो गई जब उसने पकड़े जाने से बचने के लिए अपने आधार कार्ड में भी स्थायी पता बदलवा लिया, ताकि पुलिस की जांच को भटकाया जा सके।
पुलिस की ‘स्पेशल टीम’ ने ऐसे बिछाया जाल
महानिदेशक पुलिस, राजस्थान के निर्देशानुसार अपराधियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे “संगीन एवं गंभीर प्रवृत्ति के अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई” अभियान के तहत जालोर पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम गठित की गई।
- रणनीति: अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आवड़दान रत्नू और वृत्ताधिकारी जयराम मुण्डेल के सुपरविजन में थानाधिकारी नेमाराम के नेतृत्व में टीम ने तकनीकी और जमीनी स्तर पर जाल बिछाया।
- प्रमुख भूमिका: इस पुराने और पेचीदा मामले को सुलझाने में कांस्टेबल पृथ्वी सिंह (365) और अशोक कुमार (340) की सटीक मुखबिरी और मेहनत ने अहम भूमिका निभाई। उनकी सूचना पर पुलिस ने अपराधी के ‘साधु’ रूप के पीछे छिपे अपराधी को पहचान लिया और उसे धर दबोचा।
पुलिस टीम की जांबाजी:
इस सफल ऑपरेशन में थानाधिकारी नेमाराम के साथ सउनि चतरपाल (डीसीआरबी जालोर), श्रवण देवरिया (डीएसटी जोधपुर ग्रामीण), पुनमाराम और कांस्टेबल मांगीराम की भी महत्वपूर्ण सहभागिता रही।



