जालोर, (सर्कल न्यूज़ नेटवर्क)। सोशल मीडिया पर दोस्ती और रील बनाने के बहाने लोगों को बुलाकर डराने-धमकाने और फिर मोबाइल से लाखों रुपए ठगने वाली एक शातिर गैंग का पर्दाफाश हुआ है। जालोर पुलिस ने घटना के मात्र 48 घंटों के भीतर इस गैंग के चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई पुलिस थाना सायला और गिराब (बाड़मेर) की संयुक्त टीम ने मिलकर की, जिससे रेंज में संपत्ति संबंधी अपराधों पर नकेल कसने के अभियान को बड़ी सफलता मिली है।
पूरी कहानी: कैसे बिछाया फंदा
प्रार्थी लाबुराम, पुत्र हरसनराम, जाति देवासी, निवासी विशाला, जो स्वयं सोशल मीडिया पर रील्स बनाते हैं, ने पुलिस को आपबीती सुनाई। उन्होंने बताया कि 28 जुलाई, 2025 को उनके मोबाइल नंबर पर एक अज्ञात व्यक्ति का व्हाट्सएप कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को ईश्वरसिंह सोढ़ा बताया और रील बनाने के बहाने उन्हें महाराणा प्रताप चौक, विशाला बुलाया। लाबुराम जब वहां पहुंचे, तो उन्हें सफेद रंग की स्विफ्ट कार में बैठा लिया गया और कोरा की तरफ ले जाया गया।
लगभग डेढ़ किलोमीटर आगे जाने पर, कथित ईश्वरसिंह ने गाड़ी रोकी और वहां पहले से खड़े चार अन्य अज्ञात लड़कों को भी गाड़ी में बिठा लिया। इसके बाद, सभी ने मिलकर लाबुराम को धमकाया, उनका मोबाइल छीन लिया और जबरन लॉक खुलवाया। उन्होंने लाबुराम के फोनपे का पासवर्ड लेकर अलग-अलग खातों में पूरे 1,93,000 रुपये ट्रांसफर कर दिए। लूटपाट के बाद, अपराधियों ने लाबुराम को पांथेड़ी गांव की सरहद में उतार दिया। इस संबंध में पुलिस थाना सायला में मुकदमा संख्या 206/2025, धारा 308 (2) भारतीय न्याय सहिंता 2023 के तहत मामला दर्ज किया गया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई: 48 घंटे में अपराधी सलाखों के पीछे
मामले की गंभीरता को देखते हुए, जिला पुलिस अधीक्षक ज्ञानचन्द्र यादव और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोटाराम गोदारा के निर्देशानुसार, पुलिस उप अधीक्षक गौतम कुमार जैन के निकट सुपरविजन में तत्काल कार्रवाई शुरू की गई। थानाधिकारी सुरेंद्रसिंह (सायला) के नेतृत्व में बाबूलाल (सउनि) के साथ टीम और गिराब (बाड़मेर) पुलिस थाने की संयुक्त टीम ने सक्रियता दिखाते हुए अपराधियों की तलाश शुरू की।
गहन छानबीन और तकनीकी सहयोग से, टीम ने 30 जुलाई, 2025 को ईश्वरसिंह, महेंद्रसिंह, विंजराजसिंह उर्फ नारायणसिंह, और जुंजारसिंह को सरहद बालेवा, पुलिस थाना गिराब, जिला बाड़मेर से दबोच लिया। इन सभी आरोपियों को आज जालोर न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा ताकि आगे की पूछताछ और इस गैंग के अन्य संभावित सदस्यों का पता लगाया जा सके।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण और ‘तरीका-ए-वारदात’
तरीका-ए-वारदात: गिरफ्तार आरोपियों द्वारा सोशल मीडिया पर सक्रिय व्यक्तियों को रील बनाने के बहाने बुलाया जाता था। फिर उन्हें डरा-धमकाकर जबरन पैसे मांगे जाते थे और अवैध रूप से बैंक खातों में ट्रांसफर करवा लिए जाते थे। यह एक संगठित आपराधिक तरीका था जिसका शिकार लाबुराम जैसे कई और लोग हो सकते हैं।
गिरफ्तार अभियुक्त:
- ईश्वरसिंह पुत्र चंदनसिंह (राजपूत), उम्र 22 साल, निवासी अगासड़ी, पुलिस थाना गिराब, जिला बाड़मेर।
- महेंद्रसिंह पुत्र भूरसिंह (राजपूत), उम्र 25 साल, निवासी नवातला, पुलिस थाना बींजराड़, जिला बाड़मेर।
- विंजराजसिंह उर्फ नारायणसिंह पुत्र भैरूसिंह (राजपूत), उम्र 18 साल, निवासी वाडेल नाडी सिणधरी चारणान, पुलिस थाना सिणधरी, जिला बालोतरा।
- जुंजारसिंह पुत्र अर्जुनसिंह (राजपूत), उम्र 21 साल, निवासी गैंहू, पुलिस थाना बाड़मेर ग्रामीण, जिला बाड़मेर।
पुलिस टीम जिन्होंने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका:
- सायला पुलिस थाना: बाबूलाल (सउनि), मोहित (कानि. 244), रामदेवसिंह (कानि. 914), मनीष चौधरी (कानि. 854 – विशेष भूमिका)।
- गिराब पुलिस थाना (बाड़मेर): देवीसिंह (उ.नि. थानाधिकारी), रणजीतसिंह (सउनि), नेपालसिंह (कानि. 422 – आसूचना अधिकारी), बालाराम (कानि. 836), देवाराम (कानि. 1916), चंद्रशेखर (कानि. 07)।
- तकनीकी सहयोग: किशनलाल (कानि. 722), पुलिस अधीक्षक कार्यालय जालोर।
यह कार्रवाई सोशल मीडिया के बढ़ते दुरुपयोग और ऑनलाइन ठगी के मामलों में एक बड़ी चेतावनी है। पुलिस ने युवाओं से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर अंजान लोगों से दोस्ती करने और किसी भी अनजान जगह पर मिलने से पहले सावधानी बरतें।



