अतिथि देवो भव:’ की भावना से देवासी गणेशाराम मकवाणा की अनूठी पहल, ग्रामीणों ने लिया पूर्ण सहयोग का संकल्प
सर्कल न्यूज नेटवर्क / रानीवाड़ा (जालोर)
तहसील क्षेत्र के कुड़ा गांव में धार्मिक आस्था और सेवा भाव का अनूठा संगम देखने को मिला। ग्रामीणों की गरिमामयी उपस्थिति और शुभ मुहूर्त के साथ गांव में राम रसोड़ा का विधिवत शुभारंभ किया गया। रसोड़े के शुरू होने से पूरे गांव में उत्साह और भक्तिमय माहौल बना हुआ है।
आयोजनकर्ता देवासी गणेशाराम मकवाणा ने बताया कि मार्ग से गुजरने वाले पदयात्रियों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए इस राम रसोड़े की नींव रखी गई है। यहां ठहरने वाले एवं गुजरने वाले सभी पदयात्रियों के लिए चाय, नाश्ता, भरपेट भोजन तथा रात्रि विश्राम की उत्तम व्यवस्था की गई है, ताकि लंबी दूरी तय करने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की असुविधा न हो।
परंपरा और भाईचारे को मिलेगी मजबूती
गणेशाराम ने कहा कि इस रसोड़े का मुख्य उद्देश्य पदयात्रियों की निःस्वार्थ सेवा करना और भारतीय संस्कृति की 'अतिथि देवो भव:' की प्राचीन परंपरा को जीवंत रखना है। शुभारंभ अवसर पर मौजूद ग्रामीणों ने इस पहल की मुक्तकंठ से सराहना की तथा आयोजन को सुचारू रूप से चलाने में हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
राम रसोड़ा में रोजाना आने वाले श्रद्धालुओं की देखरेख और व्यवस्था संभालने के लिए स्थानीय स्वयंसेवक दिन-रात अपनी सेवाएं देंगे। ग्रामीणों का मानना है कि इस प्रकार के धार्मिक एवं सामाजिक सेवा कार्यों से समाज में आपसी भाईचारा, समरसता और धार्मिक आस्था और अधिक प्रगाढ़ होगी।







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