जयपुर। राजस्थान पुलिस की एंटी टेररिस्ट स्क्वायड (एटीएस) और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने पुलिस उपनिरीक्षक (एसआई) भर्ती परीक्षा 2021 पेपर लीक प्रकरण में अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए, एसओजी ने तीन प्रोबेशनर उपनिरीक्षकों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने मेरिट में ऊपर आने के लिए पेपर लीक माफिया गिरोह की मदद से परीक्षा से पहले ही सॉल्ड पेपर पढ़कर परीक्षा पास की थी।
एटीएस और एसओजी के अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस, वी.के. सिंह ने बताया कि अनुसंधान में सामने आए तथ्यों के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। गिरफ्तार किए गए तीनों प्रोबेशनर उपनिरीक्षक 23.09.2025 को गिरफ्तार किए गए हैं।
ये हुए गिरफ्तार:
गिरफ्तार प्रोबेशनर उपनिरीक्षकों की पहचान इस प्रकार है:
- परमेश चौधरी (उम्र 26): पुत्र हनुमान चौधरी, निवासी मालियों की ढाणी, ग्राम त्योदा, थाना साम्भर, जिला जयपुर। परमेश चौधरी का चयन मेरिट क्रमांक 180 पर हुआ था और वह वर्तमान में पुलिस लाइन कोटा शहर में प्रोबेशनर उपनिरीक्षक के पद पर तैनात था।
- मनोहर सिंह (उम्र 25): पुत्र श्री वगता राम, निवासी सेडिया पोस्ट गुन्दाव, पुलिस थाना करड़ा, जिला जालोर। मनोहर सिंह का चयन मेरिट क्रमांक 38 पर हुआ था और वह पुलिस लाइन टोंक में प्रोबेशनर उपनिरीक्षक था।
- मनोहरलाल (उम्र 26): पुत्र बिरदाराम, निवासी वियो का गोलिया ग्राम पुनासा, तहसील भीनमाल, पुलिस थाना भीनमाल, जिला जालोर। इसका चयन मेरिट क्रमांक 171 पर हुआ था और यह पुलिस लाइन सिरोही में प्रोबेशनर उपनिरीक्षक था।
पेपर लीक गिरोह से थे संबंध
अनुसंधान में यह खुलासा हुआ है कि इन तीनों ने पेपर लीक माफिया गिरोह के माध्यम से परीक्षा से पूर्व ही सॉल्ड पेपर पढ़कर यह परीक्षा उत्तीर्ण की। इस पूरे प्रकरण में अब तक 59 उपनिरीक्षकों सहित कुल 130 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
एडीजी वी.के. सिंह ने कहा कि गिरफ्तार अभियुक्तों से पूछताछ जारी है, जिससे पेपर लीक रैकेट से जुड़े अन्य लोगों के नामों का भी खुलासा होने की संभावना है। इस कार्रवाई से यह स्पष्ट हो गया है कि पेपर लीक के माध्यम से गलत तरीके से भर्ती हुए किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।







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