शारदीय नवरात्रि के चलते अब गरबा पांडालों में रौनक बढ़ने लगी है। शाम ढलते ही लोगों के कदम पांडालों की ओर बढ़ने लगते हैं और देर रात तक डांडियों की खनक सुनाई देती है।
नवरात्रि के सातवें दिन रानीवाड़ा स्थित आशापुरा गरबा मंडल की ओर से विशेष आयोजन किया गया। यहाँ देवी-देवताओं की वेशभूषा धारण कर कलाकारों ने गरबे की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। कलाकारों की रंग-बिरंगी वेशभूषाओं और राजस्थानी-गुजराती गरबो की मधुर धुनों ने पंडाल में मौजूद श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।
जबर सिंह देवड़ा ने बताया कि गरबा महोत्सव में दूर दराज के गांवों से भी श्रद्धालु बड़ी संख्या में भाग लेने आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि यहाँ पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग बैठने की बेहतर व्यवस्था उपलब्ध करवाई जाती है।
भवानी शंकर त्रिवेदी ने जानकारी दी कि माताजी की विधिवत पूजा-अर्चना के बाद सभी भक्तों को प्रसादी वितरित की जाती है। वहीं, रघुवीर सिंह सोलंकी ने बताया कि गरबा महोत्सव में भक्तों द्वारा प्रसादी एवं आरती के चढ़ावे भी बढ़-चढ़ कर लिए जा रहे हैं।
गरबा महोत्सव में आशापुरा टेंट हाउस दलपत सिंह द्वारा गरबा महोत्सव के लिए बेहतर पांडाल एवं लाइट्स की व्यवस्था की गई है, जिससे यहाँ का माहौल और भी आकर्षक बन गया है।
इस अवसर पर गणपत सिंह देवड़ा, पाताराम प्रजापत, हंसा राम प्रजापत, नरपत सिंह राव, करसन सिंह, जीवा राम प्रजापत, ईश्वर सिंह, रमेश सिंह, लक्ष्मण सिंह देवातडा सहित बड़ी संख्या में भक्तगण महोत्सव में उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं।







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