सरनाऊ (सर्कल न्यूज़ नेटवर्क)। कहते हैं कि अगर इरादे नेक हों और प्रशासन संवेदनशील, तो व्यवस्था की हर रुकावट दूर हो जाती है। कुछ ऐसा ही अनोखा और प्रेरणादायी नजारा सांचौर की ग्राम पंचायत सरनाऊ में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में देखने को मिला, जहां एक बुजुर्ग की सात महीने से थमी जिंदगी को न केवल आर्थिक संबल मिला, बल्कि उनका व्यवस्था पर विश्वास और मजबूत हो गया।
ग्राम सुरावा के टिंटॉप निवासी माफाराम पिछले सात महीनों से एक-एक पैसे के लिए मोहताज थे। मुख्यमंत्री वृद्धजन सम्मान पेंशन योजना के तहत मिलने वाली उनकी मासिक पेंशन तकनीकी कारणों से अचानक बंद हो गई थी। इस ढलती उम्र में आर्थिक तंगी ने उनके सामने कई मुश्किलें खड़ी कर दी थीं, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। जब उन्हें सरनाऊ में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर की जानकारी मिली, तो वे अपनी आस लेकर वहां पहुंचे।
शिविर प्रभारी की त्वरित कार्रवाई से थमा बुजुर्ग का दर्द
माफाराम ने शिविर प्रभारी के सामने अपनी आपबीती और पीड़ा रखी। बुजुर्ग का दर्द देखकर शिविर प्रभारी ने संवेदनशीलता की मिसाल पेश की और तुरंत संबंधित अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए। जब बारीकी से पड़ताल की गई, तो सामने आया कि जनाधार में ई-केवाईसी और आय विवरण लंबित होने की वजह से पेंशन रोकी गई थी। विभागीय अधिकारियों ने बिना समय गंवाए मौके पर ही आवश्यक दस्तावेज अपलोड किए, जनाधार का सत्यापन पूरा किया और बंद पड़ी पेंशन को तत्काल बहाल करवा दिया।
"जब उम्मीदें टूटने लगी थीं, तब इस शिविर ने मेरी लाठी को दोबारा मजबूत कर दिया।" — भावुक होते हुए माफाराम ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और जिला प्रशासन का दिल से आभार जताया।







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