लाखावास ग्राम पंचायत के गठन पर गाँव में जश्न का माहौल है। लंबे समय से तावीदर ग्राम पंचायत का हिस्सा रहे लाखावास गाँव को अब स्वतंत्र ग्राम पंचायत का दर्जा मिल गया है। इस घोषणा से उत्साहित ग्रामीणों ने जगह-जगह मिठाई बाँटकर और आतिशबाज़ी करके अपनी ख़ुशी का इज़हार किया।
ग्रामीण लाख सिंह राठौड़ ने बताया कि यह मांग काफ़ी पुरानी थी, जो अब जाकर पूरी हुई है। उन्होंने इस ऐतिहासिक फ़ैसले के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और पंचायतीराज मंत्री मदन दिलावर का आभार व्यक्त किया। राठौड़ ने विशेष रूप से रानीवाड़ा के पूर्व विधायक नारायण सिंह देवल का भी हृदय से आभार जताया, जिनकी सक्रिय पैरवी के चलते यह संभव हो पाया।
ग्रामीणों का मानना है कि अब विकास की राह आसान होगी और पंचायतीराज की योजनाओं का लाभ सीधे गाँव तक पहुँचेगा, जिससे स्थानीय समस्याओं का निराकरण तेज़ी से हो पाएगा। लाखावास के 'आज़ाद' होने पर गाँव के चहुँमुखी विकास की उम्मीद जगी है।







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