जालोर। पूरण, जसवंतपुरा निवासी कमल सिंह राजपूत ने जिला प्रशासन को पत्र भेजकर गांव की अनेक जन समस्याओं पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ता ने विभागवार समस्याएं गिनाते हुए कहा कि जिम्मेदारों की अनदेखी से ग्रामीणों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
- राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में विषय अध्यापकों की भारी कमी, बच्चों की पढ़ाई संकट में।
- मालवाड़ा-सुंधा माता रोड पर रपट का कार्य अधूरा, सड़क निर्माण भी संतोषजनक नहीं, बारिश में परेशानी तय।
- आयुर्वेदिक हॉस्पिटल में दोपहर 12 बजे के बाद स्टाफ नहीं मिलता, मरीजों को दिक्कत।
- आंगनबाड़ी केंद्र द्वितीय समय पर नहीं खुलता, बच्चों को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं।
- नर्मदा प्रोजेक्ट के तहत बने जीएलआर में महीने में सिर्फ 5 दिन पानी, शेष 25 दिन पानी नहीं।
- पीएचडी विभाग की लापरवाही से पाइपलाइन की देखरेख नहीं, कई घरों में पानी नहीं पहुंच रहा।
- वन विभाग में स्थायी कार्मिक नहीं, जमीन पर अतिक्रमण का खतरा।
- गांव में जगह-जगह सीसी रोड पाइपलाइन डालते समय तोड़ी गई, मरम्मत अब तक नहीं।
- सरकारी पैसों से लगाए पेड़ों की देखरेख नहीं, पौधे सूखने की कगार पर।
- मुख्य मार्गों की नालियों पर अवैध अतिक्रमण, आवागमन में बाधा।
- पशु चिकित्सा केंद्र पर स्टाफ समय पर नहीं मिलता, किसानों को परेशानी।
- पूरण जीएसएस भवन पर सरकारी स्टाफ ताला लगाकर चले जाते हैं, स्टाफ को बैठने की जगह नहीं, आपात स्थिति में खतरा।
- पटवार मुख्यालय पर पटवारी समय पर नहीं मिलता, ग्रामीणों के जरूरी काम अटके।
- सरकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार नहीं, जागरूकता अभियान नहीं चलते, आमजन वंचित।
कमल सिंह राजपूत ने जिला प्रशासन से सभी समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की है।
ग्रामीणों का सवाल—कब सुधरेंगे हालात?







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