रानीवाडा। पूर्व विधायक और भाजपा के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष नारायणसिंह देवल का उनके कार्यालय में सरस डेयरी के सचिवों और पशुपालकों ने भव्य स्वागत किया। यह सम्मान दूध की दरों को 8 रुपये 50 पैसे प्रति लीटर करवाने के प्रयासों के लिए किया गया। देवल ने पूर्व डेयरी और पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत से फोन पर बात कर यह दर बढ़वाई थी, जिससे पशुपालकों को बड़ी राहत मिली है।
इस अवसर पर, पूर्व विधायक देवल ने कहा, "मैं और भाजपा सरकार किसानों के कल्याण के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। डेयरी से जुड़ी किसी भी समस्या के समाधान के लिए मैं हमेशा आपके साथ हूँ।"

भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी: देवल का पलटवार
रानीवाडा। पूर्व विधायक नारायणसिंह देवल ने रानीवाड़ा डेयरी के निवर्तमान अध्यक्ष जोगसिंह बालोत द्वारा लगाए गए आरोपों का कड़ा जवाब दिया है। देवल ने कहा कि रानीवाड़ा डेयरी साल 2021 के चुनावों के बाद से ही भ्रष्टाचार के कारण सुर्खियों में रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ हुई जांचों में अनियमितताएं पाई गईं, लेकिन उनकी रिपोर्ट को आरसीडीएफ स्तर पर दबा दिया गया। देवल ने यह भी कहा कि भ्रष्टाचार आज भी जारी है और "हमारी लड़ाई भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी रहेगी।"
उन्होंने जोगसिंह बालोत द्वारा हाल ही में प्रेस वार्ता में दिए गए बयानों को झूठ बताते हुए आरोप-वार जवाब दिए:
1. आरसीडीएफ जांच और अनियमितताएं
- प्रकाश श्रीवास्तव की पदोन्नति: देवल ने बताया कि 29.12.2023 को किसान भाइयों के धरने के बाद आरसीडीएफ की जांच कमेटी ने 15.01.2024 को जांच की। इस जांच में प्रकाश श्रीवास्तव की पदोन्नति को नियमों के विरुद्ध पाया गया।
- मिल्क पैकिंग का ठेका: जांच में 18 पैसे की जगह 75 पैसे में मिल्क पैकिंग का ठेका देना पूरी तरह से गलत पाया गया, जिसमें प्रबंधन संचालक और लेखाधिकारी को दोषी माना गया। देवल के अनुसार, इस भ्रष्टाचार से डेयरी को लगभग 1 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है और यह अनियमितता आज भी जारी है।

2. जिला कलेक्टर, सांचौर की जांच रिपोर्ट
- परिवहन ठेके में भारी नुकसान: देवल ने सांचौर के प्रशासक और जिला कलेक्टर की जांच रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि रानीवाड़ा से जालोर सिटी तक दूध सप्लाई का ठेका 91 पैसे प्रति लीटर के बजाय 3.70 रुपये प्रति लीटर में दिया गया, जिससे हर महीने होने वाले खर्च में अप्रत्याशित वृद्धि हुई। इस ठेके से डेयरी को प्रतिदिन लगभग 18,000 रुपये का नुकसान हुआ, जो कुल मिलाकर 1 करोड़ 25 लाख रुपये से अधिक का हो चुका है।

- अन्य ठेकों में भी नुकसान: इसी जांच में मिल्क पैकिंग का ठेका 18 पैसे के स्थान पर 75 पैसे में देने और रानीवाड़ा से भीनमाल सिटी सप्लाई का ठेका 69 पैसे की जगह 1.85 रुपये प्रति लीटर में देने से भी लाखों का नुकसान बताया गया है।

3. 'स्वयंभू' अध्यक्ष पद पर सवाल
- बोर्ड सदस्यों का त्यागपत्र: देवल ने कहा कि रानीवाड़ा डेयरी बोर्ड में 16 में से 13 सदस्य (9 निर्वाचित और 4 मनोनीत) थे। अध्यक्ष की कार्यशैली और भ्रष्टाचार से परेशान होकर 7 निर्वाचित सदस्यों ने त्यागपत्र दे दिया, जिससे बोर्ड में सिर्फ 6 सदस्य रह गए।
- बोर्ड का भंग होना: बोर्ड मीटिंग के लिए न्यूनतम 9 सदस्यों की आवश्यकता होती है। कोरम पूरा न होने के कारण रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां, जयपुर द्वारा बोर्ड को भंग कर दिया गया।
- न्यायालय में याचिकाएं खारिज: देवल ने आरोप लगाया कि अध्यक्ष ने राजस्थान उच्च न्यायालय और सहकारी न्यायाधिकरण में याचिकाएं दायर कीं, जो सभी जगह खारिज हो गईं। देवल ने कहा कि आज भी बोर्ड में केवल 6 सदस्य हैं, और त्यागपत्र देने वाले सदस्य वापस पद पर नहीं आ सकते। उन्होंने कहा कि "बिना बोर्ड के ही न्यायालय को गुमराह कर स्वयँ को अध्यक्ष घोषित किया हुआ है।"
पूर्व विधायक देवल ने अंत में दोहराया कि उनकी लड़ाई डेयरी में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ है और वे भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कार्रवाई करवाकर ही रहेंगे।







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