नित्यकर्म गौ सेवा और भाजपा कार्यकर्ताओं ने पंचायत समिति प्रांगण में बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर लिया राष्ट्र निर्माण का संकल्प।
रानीवाड़ा। भारत के संविधान के शिल्पकार और शोषितों के मसीहा भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर के 69वें महापरिनिर्वाण दिवस पर आज रानीवाड़ा में एकता और समरसता का एक अद्भुत दृश्य देखने को मिला। रानीवाड़ा पंचायत समिति के प्रांगण में भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ-साथ नित्यकर्म गौ सेवा और बजरंग दल के जोश से भरे युवा कार्यकर्ताओं ने बाबा साहेब की प्रतिमा पर पुष्प और माला अर्पित कर उन्हें नमन किया।
बाबा साहेब: आधुनिक भारत के निर्माता इस अवसर पर वक्ताओं ने बाबा साहेब के व्यक्तित्व और कृतित्व को याद करते हुए कहा कि डॉ. अंबेडकर केवल एक वर्ग के नेता नहीं थे, बल्कि वे सम्पूर्ण राष्ट्र की धरोहर थे। उन्होंने उस समय एक ऐसे भारत की कल्पना की थी जहाँ समानता, स्वतंत्रता और बंधुत्व हो। उनका लिखा संविधान आज भी देश की रीढ़ है, जो कश्मीर से कन्याकुमारी तक हर नागरिक को एक सूत्र में पिरोता है। उनके संघर्ष और शिक्षा के प्रति समर्पण ने करोड़ों लोगों के जीवन में उजाला भरा है।

गौभक्तों और बजरंग दल ने पेश की नजीर अक्सर गौ माता की सेवा और धर्म की रक्षा के लिए तत्पर रहने वाले रानीवाड़ा के नित्यकर्म गौ सेवा और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने आज यह साबित कर दिया कि राष्ट्रभक्ति और सामाजिक एकता एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। इन युवाओं ने बाबा साहेब के चरणों में शीश नवाकर यह संदेश दिया कि राष्ट्र निर्माण के लिए समाज के हर वर्ग का एक साथ आना जरूरी है। गौ सेवा के साथ-साथ महापुरुषों के सम्मान में भी ये युवा सदैव अग्रणी भूमिका निभाते रहे हैं, जो रानीवाड़ा क्षेत्र के लिए गौरव की बात है।
इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति इस श्रद्धांजलि सभा में क्षेत्र के कई गणमान्य नागरिक और युवा शक्ति उपस्थित रही। प्रमुख रूप से:
- पूर्व मंडल अध्यक्ष रिडमल सिंह डाभी
- जिला महामंत्री (अ.जा.मो.) रमेश मेघवाल
- मंडल महामंत्री गोविंद जी रावल
- मंडल उपाध्यक्ष (जसवंतपुरा) जीवाराम मेघवाल
- मंडल उपाध्यक्ष (अ.जा.) दिनेश गर्ग
- बजरंग दल संयोजक महेंद्र भाई प्रजापत
- विपुल भाई प्रजापत, छैलसिंह सोलंकी, जितेंद्र सिंह डाभी, पूर्व सरपंच कांतिलाल, विपुल सिंह चौहान और रोहित भाई नटराज।
सभी ने बाबा साहेब के बताए मार्ग पर चलने और क्षेत्र में भाईचारा कायम रखने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के अंत में सामूहिक रूप से बाबा साहेब को पुष्पांजलि अर्पित की गई।







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