- ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट में बदलाव, अब गांवों में भी बिना डॉक्टर की पर्ची (प्रिस्क्रिप्शन) कफ सिरप बेचना पड़ेगा भारी
- सख्ती • स्वास्थ्य मंत्रालय ने ग्रामीण इलाकों को मिलने वाली छूट भी की खत्म
Circle News Network नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने देश में दवाओं की गुणवत्ता सुधारने और मरीजों की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने खांसी की सिरप (कफ सिरप) की बिक्री को लेकर नियमों को बेहद कड़ा कर दिया है। नए आदेश के मुताबिक, अब देश के किसी भी हिस्से में डॉक्टर के वैध पर्चे (प्रिस्क्रिप्शन) के बिना कफ सिरप की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
पहले के नियमों (ड्रग्स रूल्स की एंट्री नंबर 13) के तहत, 1 हजार से कम आबादी वाले गांवों में कफ सिरप की रिटेल लाइसेंसिंग की शर्तों में कुछ ढील दी गई थी, जिसे अब पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। अब कफ सिरप बनाने वाली कंपनियों, सप्लायर्स और विक्रेताओं सभी को सख्त रेगुलेटरी नियमों का पालन करना होगा।
नए फैसले से क्या बदलेगा?
- गांवों में भी सख्त पहरा: स्वास्थ्य मंत्रालय ने साफ किया है कि अब छोटे से छोटे गांवों में भी कफ सिरप की बिक्री केवल ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 के नियमों के तहत लाइसेंस प्राप्त फार्मेसी के जरिए ही की जा सकेगी।
- निगरानी होगी मजबूत: मंत्रालय के अनुसार, यह बदलाव कफ सिरप के फॉर्मूलेशन और उसके वितरण पर कड़ी निगरानी रखने और पूरे सिस्टम को अपडेट करने के उद्देश्य से किया गया है।
- सुझावों के बाद फैसला: सरकार ने पिछले साल दिसंबर में इस संबंध में एक ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी कर सभी स्टेकहोल्डर्स से आपत्तियां और सुझाव मांगे थे, जिसके बाद अब इस फैसले को अमलीजामा पहनाया गया है।







पाठक टिप्पणियां (Comments)
0 टिप्पणियां