चितलवाना, 29 जुलाई (सर्कल न्यूज़)। उपखंड क्षेत्र के बोरली गांव में स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय का भवन इन दिनों पूरी तरह से जर्जर हालत में है, जिसने यहां पढ़ने वाले सैकड़ों नौनिहालों और शिक्षकों की जान पर खतरा मंडरा दिया है। बारिश के दिनों में तो हालात और भी बदतर हो जाते हैं, जब स्कूल के छह कमरों की छत से पानी टपकता है और कमरों में पानी भर जाता है। मजबूरन विद्यार्थियों की छुट्टी करनी पड़ती है, जिससे उनकी पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों और शिक्षकों में भय का माहौल है, क्योंकि आए दिन किसी बड़े हादसे का डर बना रहता है।

30 साल पुराना भामाशाह निर्मित भवन भी जर्जर, सरकारी कमरे भी बदहाल
जानकारी के अनुसार, यह विद्यालय भवन करीब 30 साल पहले भामाशाह गुणेश सिंह पीर सिंह जी ने बनवाया था, जिसमें पांच कमरे थे। बाद में सरकार की ओर से विभिन्न मदों से चार कमरे और बनाए गए, लेकिन अब सभी नौ के नौ कमरे पूरी तरह से जर्जर हालत में पहुंच गए हैं। दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं और छत से प्लास्टर लगातार गिर रहा है। यह स्थिति किसी भी समय बड़े हादसे को न्योता दे सकती है।
अपीलें बेअसर, प्रशासन की चुप्पी पर सवाल
विद्यालय के प्रधानाध्यापक दिनेश कुमार ने बताया कि भवन की मरम्मत के लिए उन्होंने कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों को लिखित में अवगत करवाया है। इसके साथ ही, ग्रामीणों से भी जन सहयोग से भवन की मरम्मत की अपील की गई, लेकिन अभी तक किसी भी स्तर पर कोई सुनवाई नहीं हुई है। प्रधानाध्यापक ने चिंता जताते हुए कहा कि यदि समय रहते भवन का मरम्मत कार्य नहीं किया गया, तो एक दिन बड़ा हादसा हो सकता है, जिसकी जिम्मेदारी किसकी होगी, यह बड़ा सवाल है। शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन की इस मामले में चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है।







पाठक टिप्पणियां (Comments)
0 टिप्पणियां