जिला आबकारी अधिकारी जितेंद्र पाल सिंह सोढा की 'जीरो टॉलरेंस' नीति और युवाओं के साहस ने माफिया की कमर तोड़ी; पेश की नशा-मुक्ति की नई मिसाल
Circle News Network | रानीवाडा/रतनपुर
कहा जाता है कि जब युवा जाग जाता है, तो इतिहास बदल जाता है। रानीवाडा क्षेत्र के रतनपुर गांव में आज कुछ ऐसा ही हुआ। यहाँ के युवाओं ने यह साबित कर दिया कि अगर गांव की नई पीढ़ी ठान ले, तो नशा माफिया की जड़ें उखाड़ी जा सकती हैं। 29 नवंबर 2025 का दिन रतनपुर के लिए एक ऐतिहासिक बदलाव का गवाह बना, जहां "अवैध नशामुक्त रतनपुर" मुहिम ने अवैध शराब के कारोबार पर सर्जिकल स्ट्राइक की।
संदेश: रतनपुर के युवाओं ने जो आज किया, वह पूरे प्रदेश के लिए एक नजीर है। अगर हर गांव में ऐसी ही क्रांति आ जाए, तो सिर्फ अवैध शराब ही नहीं, बल्कि एमडी (MD) और स्मैक जैसे जानलेवा नशे का कारोबार भी हमेशा के लिए बंद हो जाएगा।
युवाओं की सूचना पर एक्शन में आया आबकारी विभाग इस मुहिम का नेतृत्व कर रहे भरत सिंह ने ग्रामीण युवाओं की एक मजबूत फौज तैयार की। युवाओं ने खुद मोर्चा संभाला और अवैध शराब बनाने वालों के ठिकानों की सटीक सूचना आबकारी विभाग को दी। सूचना मिलते ही आबकारी आयुक्त शिवप्रकाश नकाते के विशेष अभियान के तहत विभाग पूरी ताकत के साथ मौके पर पहुंचा।

जितेंद्र पाल सिंह सोढा का सख्त एक्शन जिला आबकारी अधिकारी जितेंद्र पाल सिंह सोढा ने इस कार्रवाई में त्वरित निर्णय लेते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि अवैध गतिविधियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। सोढा के निर्देशन में भीनमाल प्रहराधिकारी सुमित कुमार और उनकी टीम ने रतनपुर में दबिश दी।
कार्रवाई इतनी सटीक थी कि मौके पर ही 1500 लीटर अवैध वॉश बरामद कर नष्ट किया गया और 7 अवैध भट्टियों को ध्वस्त कर दिया गया। इस दौरान एएसआई उगम सिंह, सिपाही खिया राम, सुरेश कुमार और दिनेश कुमार ने मुस्तैदी से कार्रवाई को अंजाम दिया।

ये हैं बदलाव के नायक इस ऑपरेशन की असली ताकत रतनपुर के वे युवा थे जिन्होंने डर को पीछे छोड़ गांव के भविष्य को चुना। टीम में शैतान सिंह, पन्ने सिंह K, कृष्ण सिंह, हीर सिंह, नेपाल सिंह, दशरथ सिंह, विक्रम सिंह, भरत सिंह A, मूल सिंह और प्रकाश सिंह जैसे युवाओं ने सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने विभाग को मौके पर बुलाकर अपने सामने अवैध शराब के ड्रम नष्ट करवाए।
युवाओं की हुंकार: "यह तो बस शुरुआत है" रतनपुर के जागरूक युवाओं ने साफ कर दिया है कि आज की कार्रवाई अंत नहीं, बल्कि एक शुरुआत है। उनका संकल्प है कि गांव को पूरी तरह नशामुक्त बनाना है। उन्होंने चेतावनी दी है कि वे अब पूरे क्षेत्र में इस अवैध कारोबार को बंद करवाने की मांग मजबूती से उठाएंगे और प्रशासन का सहयोग करेंगे।
Circle News Network की राय: जिला आबकारी अधिकारी जितेंद्र पाल सिंह सोढा और उनकी टीम का यह सहयोग काबिले तारीफ है, लेकिन असली सलाम रतनपुर के उन युवाओं को, जिन्होंने दिखाया कि "जागरूक समाज ही सुरक्षित समाज है।"







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