NEET-2020 में रिश्तेदार को बनवाया डमी उम्मीदवार, खुद पहुंचा एम्स जोधपुर
जोधपुर एम्स में एमबीबीएस कर रहे एक छात्र का फर्जीवाड़ा सामने आया है। आरोप है कि जयपुर निवासी सचिन गोरा ने NEET-2020 परीक्षा में अपने स्थान पर रिश्तेदार अजीत गोरा को डमी उम्मीदवार बनाकर परीक्षा दिलवाई थी। परीक्षा पास होने के बाद उसी मार्कशीट से उसने एम्स जोधपुर में एमबीबीएस में दाखिला ले लिया और तब से पढ़ाई कर रहा था।
रिश्तेदार ने ही खोला राज, चौमूं थाने में दर्ज कराया मामला
करीब 15 दिन पहले सचिन गोरा के एक रिश्तेदार ने जयपुर के चौमूं थाने में आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कराया। शिकायत में बताया गया कि परीक्षा के आवेदन पत्र में नाम-पता तो सचिन का था लेकिन फोटो अजीत गोरा की लगाई गई थी। इसी तरह अजीत ने डमी बनकर परीक्षा दी और कोई पकड़ में नहीं आया।
छात्रावास से दबिश में पकड़ा गया आरोपी
4 जून की देर रात जयपुर पुलिस की मांग पर जोधपुर पुलिस ने एम्स के 6 नंबर छात्रावास में दबिश देकर आरोपी सचिन गोरा को हिरासत में लिया। इस दौरान मेडिकल छात्रों ने पुलिस कार्रवाई का विरोध किया और हंगामा भी हुआ। शास्त्रीनगर व भगत की कोठी थाने से अतिरिक्त जाप्ता बुलाया गया। एम्स प्रशासनिक अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद स्थिति शांत हुई।
बासनी पुलिस ने किया दस्तियाब, जयपुर पुलिस ले गई साथ
बासनी थाना अधिकारी नितिन दवे ने बताया कि जयपुर के चौमूं थाने से प्रकरण संख्या 118/2025 में आरोपी को दस्तियाब करने के लिए मांग पत्र मिला था। जिस पर कार्रवाई करते हुए जोधपुर पुलिस ने आरोपी को पकड़ा और जयपुर पुलिस को सूचित किया। इसके बाद जयपुर पुलिस जोधपुर पहुंची और आरोपी को अपने साथ ले गई।
एम्स प्रशासन भी हैरान, जांच में जुटा
एम्स प्रशासन भी इस मामले को लेकर हैरान है और अब यह भी जांच की जा रही है कि दाखिले के समय दस्तावेजों की जांच में यह धोखाधड़ी कैसे नहीं पकड़ी गई। मामले की विस्तृत जांच जयपुर पुलिस द्वारा की जा रही है।
यह घटना नीट जैसी अहम परीक्षा की पारदर्शिता और सुरक्षा को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है।



