मणिपुर से मारवाड़ तक पुलिस की ‘ईगल आई’: रींगस में क्रेटा की टेल-लाइट से निकली 20 किलो अफीम, तो बीकानेर में ‘डबल ट्रैप’ में फंसा 8 क्विंटल डोडे से भरा ट्रक।
जयपुर/रींगस/सेरूणा (बीकानेर)। सैकड़ों मील की दूरी, लग्जरी गाड़ियां, फर्जी नंबर प्लेट और तू डाल-डाल, मैं पात-पात जैसी शातिर चालें… नशा तस्करों ने पुलिस की आंखों में धूल झोंकने की पूरी बिसात बिछा रखी थी। लेकिन, राजस्थान पुलिस की एंटी नार्कोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) की ‘ईगल आई’ ने एक ही दिन में दो बड़े ऑपरेशन्स को अंजाम देकर तस्करों के नापाक मंसूबों पर पानी फेर दिया है।
ANTF और ATS के महानिरीक्षक (IGP) विकास कुमार के रणनीतिक नेतृत्व में पुलिस ने मणिपुर से आ रही अफीम और झारखंड से आ रहे डोडा पोस्त की भारी खेप को पकड़कर नशे के सौदागरों की कमर तोड़ दी है। यह कार्रवाई सिर्फ जब्ती नहीं, बल्कि पुलिस की खुफिया तंत्र की एक बड़ी जीत है।
केस-01: रींगस (सीकर)
‘हारे का सहारा’ बने खाटू श्याम, पर तस्करों की किस्मत हारी; क्रेटा की टेल-लाइट में छिपा था 20 किलो ‘काला सोना’
पहली कार्रवाई फिल्मी ड्रामे से कम नहीं थी। एएनटीएफ की टीम को खुफिया इनपुट मिला था कि असम-मणिपुर से एक सफेद क्रेटा कार में भारी मात्रा में अफीम राजस्थान लाई जा रही है।
मोडस ऑपरेंडी (अपराध का तरीका): तस्कर बेहद शातिर थे। ये जब राजस्थान से नॉर्थ-ईस्ट जाते, तो गाड़ी पर असम की नंबर प्लेट लगाते। वापसी में गुजरात की नंबर प्लेट लगा लेते ताकि पुलिस को लगे कि वे सामान्य पर्यटक या व्यापारी हैं। एएनटीएफ की टीम कोकराझार (असम) से ही साये की तरह इनके पीछे लगी थी।
तस्करों की गाड़ी 120 किमी/घंटा की रफ्तार से दौड़ रही थी और वे कहीं नहीं रुके। लेकिन, जोधपुर जाने से पहले उन्होंने खाटू श्याम जी के दर्शन का प्लान बनाया और रींगस में नहाने के लिए रुके। यही वो पल था जिसका पुलिस इंतजार कर रही थी। टीम ने दबिश देकर कार की तलाशी ली।
हैरान करने वाला खुलासा: ऊपरी तौर पर कार खाली थी। लेकिन जब पुलिस ने गाड़ी की पिछली टेल-लाइट (Tail Light) को खोला, तो उसके पीछे बनी कैविटी में 20 किलो 800 ग्राम अफीम का दूध बरामद हुआ।
गिरफ्तार आरोपी:
- राकेश (जोधपुर): पिता की नशे की लत और गरीबी ने इसे अपराध की दुनिया में धकेल दिया।
- राजूराम (जोधपुर): एम्स (AIIMS) में वार्ड बॉय की नौकरी करता था, लेकिन अमीर बनने की चाह में तस्कर बन गया।
- शंकर (जोधपुर): गिरोह का सहयोगी।

केस-02: सेरूणा (बीकानेर)
सांप-सीढ़ी का खेल खेलते ट्रक को ANTF ने दबोचा; 8 क्विंटल डोडा पोस्त बरामद
दूसरी कार्रवाई बीकानेर के सेरूणा इलाके में हुई, जहां झारखंड से जोधपुर ले जाया जा रहा 8 क्विंटल 38 किलो डोडा पोस्त पकड़ा गया। यहां पुलिस की सफलता का कारण बना ‘दुश्मन का दुश्मन’। डोडा पोस्त के धंधे में एक प्रतिस्पर्धी तस्कर ने ही एएनटीएफ को इस खेप की सूचना दी थी।
पुलिस को ऐसे दिया चकमा: ट्रक ड्राइवर ने पुलिस से बचने के लिए सीधा रास्ता नहीं चुना। वह बार-बार रास्ता बदल रहा था, मानो सांप-सीढ़ी का खेल चल रहा हो। लेकिन एएनटीएफ ने सेरूणा में द्विस्तरीय (Double Layer) नाकाबंदी कर रखी थी।
तस्कर सुरेंद्र कुमार ने होशियारी दिखाते हुए पुलिस की पहली नाकाबंदी तोड़ दी और ट्रक भगा ले गया। उसे लगा वह बच गया, लेकिन आगे एएनटीएफ का दूसरा जाल तैयार था। दूसरी नाकाबंदी में वह फंस गया। ट्रक की तलाशी में 44 कट्टों में भरा अवैध डोडा पोस्त बरामद हुआ।
IGP विकास कुमार का बयान: “नशे के खिलाफ युद्ध जारी रहेगा”
इस बड़ी सफलता पर एटीएस और एएनटीएफ के आईजीपी विकास कुमार ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई एडीजी दिनेश एम.एन. के मार्गदर्शन में गठित एएनटीएफ की सक्रियता का परिणाम है। उन्होंने बताया कि तस्कर चाहे कितनी भी आधुनिक तकनीक या नए रास्ते अपना लें, पुलिस का नेटवर्क उनसे एक कदम आगे है।
पुलिस की अपील: विकास कुमार ने आमजन से अपील की है कि वे नशे के खिलाफ इस युद्ध में पुलिस का साथ दें।
- ANTF हेल्पलाइन: 9001999070
- कंट्रोल रूम: 0141-2502877 (सूचना देने वाले का नाम और पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी।)
ब्यूरो रिपोर्ट, Circle News Network



