सड़क पर बबूल का पहरा, गांवों में चोरों का डेरा: भाजपा नेता ने जनहित के मुद्दों पर एसडीएम को जगाया श्रावण में फूलमुक्तेश्वर महादेव जाने वाले मार्ग को साफ करने और बढ़ती चोरियों के खिलाफ रात्रिकालीन गश्त शुरू करने के लिए सौंपे दो ज्ञापन
भारतीय जनता पार्टी चितलवाना मंडल अध्यक्ष भवानीसिंह चौहान ने मंगलवार को उपखंड अधिकारी (एसडीएम) को दो अलग-अलग ज्ञापन सौंपकर क्षेत्र से जुड़े अत्यंत महत्वपूर्ण जनहित के मुद्दों पर प्रशासन का ध्यान आकृष्ट किया है। उन्होंने श्रावण मास में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए चितलवाना-होथीगांव मार्ग को सुरक्षित बनाने और इलाके में बेखौफ हो रहे चोरों पर नकेल कसने के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की है।

कंटीली हुई महादेव के दर्शन की राह
पहले ज्ञापन में मंडल अध्यक्ष ने बताया कि चितलवाना से होथीगांव स्थित श्री फूलमुक्तेश्वर महादेव मंदिर तक जाने वाले मुख्य मार्ग के दोनों ओर बबूल के पेड़ और झाड़ियों का साम्राज्य फैल गया है। सड़क के संकरी हो जाने से दो वाहनों का एक साथ सुरक्षित गुजरना भी मुश्किल हो गया है।
- दुर्घटनाओं का अंदेशा: बबूल के खतरनाक कांटों से राहगीरों, स्कूली बच्चों और विशेषकर दोपहिया वाहन चालकों को चोटिल होने का भय बना रहता है। रात के समय दृश्यता कम होने से हादसे की आशंका और भी गहरा जाती है।
- लाखों श्रद्धालुओं का आवागमन: वर्तमान में श्रावण का पवित्र महीना चल रहा है, जिसमें प्रतिदिन हजारों और पूरे माह में लाखों की तादाद में श्रद्धालु महादेव के दर्शनार्थ पहुंचते हैं।
- तिरंगा यात्रा से पूर्व सफाई की मांग: आगामी 10 अगस्त को इस मार्ग पर एक विशाल तिरंगा यात्रा प्रस्तावित है। इसमें जनप्रतिनिधि, अधिकारी, युवा, महिलाएं और आम नागरिक बड़ी संख्या में शिरकत करेंगे। चौहान ने प्रशासन से आग्रह किया है कि इस वृहद आयोजन और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए अविलंब मार्ग की साफ-सफाई व झाड़ियों की कटाई सुनिश्चित की जाए।

दहशत में ग्रामीण, रातों की नींद उड़ी
दूसरे ज्ञापन में क्षेत्र में चरमराती कानून-व्यवस्था और बढ़ती चोरी की वारदातों को प्रमुखता से उठाया गया है। भवानीसिंह चौहान ने चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि पिछले कुछ समय से इलाके में संदिग्ध व्यक्तियों की आवाजाही बढ़ गई है, जिससे चोरी की घटनाएं लगातार हो रही हैं।
"महिलाओं, बुजुर्गों, किसानों और व्यापारियों में असुरक्षा का भारी माहौल है। हालात ऐसे बन गए हैं कि कई परिवारों को रात-रात भर जागकर अपने घरों और प्रतिष्ठानों की पहरेदारी करनी पड़ रही है।"
प्रशासन से की गई प्रमुख मांगें:
- सख्त रात्रिकालीन गश्त: प्रतिदिन रात 10 बजे से लेकर अलसुबह 5 बजे तक पुलिस और होमगार्ड के जवानों द्वारा नियमित और प्रभावी गश्त की जाए।
- विशेष निगरानी: संवेदनशील स्थानों, मुख्य मार्गों और सघन आबादी वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त चौकसी बरती जाए।
- निरंतर मॉनिटरिंग: संबंधित थानों को पाबंद किया जाए कि वे रात्रिकालीन गश्त की नियमित मॉनिटरिंग करें ताकि आपराधिक तत्वों में खौफ पैदा हो सके।
अंत में मंडल अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि ये दोनों मांगें सीधे तौर पर आमजन की सुरक्षा, सुविधाओं और क्षेत्र की शांति व्यवस्था से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने उपखंड अधिकारी से जनहित को सर्वोपरि रखते हुए इन दोनों मामलों में शीघ्र अति शीघ्र आवश्यक और कठोर कार्रवाई करने का पुरजोर आग्रह किया है।









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