सर्कल न्यूज नेटवर्क
जयपुर/बालोतरा। देश छोड़ा, पहचान बदली, मोबाइल से तौबा की और नेपाल में छिपकर तस्करी का साम्राज्य चलाने लगा, लेकिन एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) के चक्रव्यूह से बच नहीं सका। राजस्थान पुलिस की ANTF ने 'ऑपरेशन विषनहस' चलाकर 6 साल से फरार 75 हजार रुपए के इनामी तस्कर सोहनलाल उर्फ सोनू को रक्सौल (बिहार) बॉर्डर से गिरफ्तार कर लिया है। यह ANTF की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहली बड़ी सफलता है।
शराब में जोखिम लगा तो डोडा चूरा का सिंडिकेट खड़ा किया
आरोपी सोहनलाल पुत्र भागीरथ राम विश्नोई (उम्र 32 वर्ष), निवासी भारते की बेरी, थाना धोरीमन्ना (बालोतरा) ने 12वीं तक पढ़ाई के बाद गलत संगत में पड़कर वर्ष 2016 में अवैध शराब तस्करी शुरू की थी। बालोतरा में आबकारी एक्ट के दो मामलों में वह बाड़मेर जेल में 30 दिन बंद रहा। जेल से छूटने के बाद उसे लगा कि शराब में जोखिम अधिक और मुनाफा कम है, जिसके बाद उसने अफीम डोडा चूरा की तस्करी की राह पकड़ ली।
शुरुआत में उसने स्थानीय तस्करों के साथ काम किया, फिर मुनाफा बंटने के कारण खुद का स्वतंत्र नेटवर्क खड़ा कर लिया। वह मध्य प्रदेश के नीमच और राजस्थान के चित्तौड़गढ़, उदयपुर व भीलवाड़ा से डोडा चूरा की बड़ी खेप उठाकर मारवाड़ व पंजाब तक सप्लाई करने लगा।
6 राज्यों में फरारी, फिर ANTF के खौफ से भागा नेपाल
वर्ष 2020 में जालोर के चितलवाना थाने में एनडीपीएस का केस दर्ज होने के बाद वह फरार हो गया। उसने मुंबई, पुणे, अहमदाबाद, गोवा, दिल्ली, चंडीगढ़ और आंध्र प्रदेश में ठिकाने बदले। वर्ष 2025 में राजस्थान में ANTF का गठन होने और ताबड़तोड़ कार्रवाइयों के बाद वह बुरी तरह घबरा गया। गिरफ्तारी के खौफ में वह अक्टूबर 2025 में भारत छोड़कर नेपाल भाग गया और काठमांडू में शरण लेकर वहीं से सिंडिकेट चलाने लगा।
फिल्मी अंदाज में बिछाया जाल: कोई बना माला वाला, कोई तिलकधारी
डीजीपी राजीव कुमार शर्मा व एडीजी दिनेश एमएन के सुपरविजन में आईजी विकास कुमार की अगुवाई वाली टीम ने सोहनलाल के गुर्गों से संपर्क साधा। पुलिसकर्मियों ने खुद को पंजाब का बड़ा खरीदार बताया और भारी खेप की मांग रखी। गुर्गों ने खुलासा किया कि मुख्य सरगना काठमांडू में है और वह रोज पशुपतिनाथ मंदिर में पुलिस से बचने की मन्नत मांगने धोक लगाने आता है।
ANTF की टीम तुरंत काठमांडू पहुंची। पशुपतिनाथ मंदिर के बाहर रेकी के लिए टीम का एक जवान हाथ में रुद्राक्ष की माला लेकर माला बेचने वाला बन गया, दूसरा माथे पर चंदन लगाने वाला तिलकधारी बना और अन्य जवान आम श्रद्धालु बनकर तैनात रहे। जैसे ही सोहनलाल मंदिर पहुंचा, जवानों ने उसका हुलिया पहचान लिया।
रक्सौल बुलाकर दबोचा, भूटान भागने की थी तैयारी
पहचान पुख्ता होने के बाद टीम ने खुद को पंजाब का तस्कर बताकर उससे मुलाकात की। उसे झांसा दिया गया कि सौदे की भारी नकदी लेकर मुख्य सेठ आ रहे हैं, जिसे सुरक्षा कारणों से नेपाल लाना संभव नहीं है; इसलिए एडवांस रकम लेने भारत-नेपाल सीमा पर आना होगा। करोड़ों के लालच में सोहनलाल बिहार के रक्सौल बॉर्डर पहुंच गया, जहां कदम रखते ही ANTF ने उसे दबोच लिया।
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी नेपाल में भी सुरक्षित महसूस नहीं कर रहा था और 10 अक्टूबर 2026 को भूटान भागने की फिराक में था, लेकिन उससे पहले ही पकड़ा गया। ANTF अब तक 103 इनामी तस्करों को सलाखों के पीछे भेज चुकी है। आईजी विकास कुमार ने बताया कि इस साहसिक कार्रवाई में शामिल टीम को मुख्यालय पर सम्मानित किया जाएगा। आमजन अपराधियों से जुड़ी सूचनाएं ANTF कंट्रोल रूम (0141-2502877) या व्हाट्सएप (9261225056) पर साझा कर सकते हैं।









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