रानीवाड़ा में तीन दिवसीय गुणवत्ता प्रबंधन प्रशिक्षण संपन्न, एमएसएमई सेक्टर में अपनी धाक जमाएंगी ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं
[आत्मनिर्भरता का नया अध्याय] जब हुनर को सही मार्गदर्शन और आधुनिक तकनीक का साथ मिलता है, तो सफलता की कहानी खुद-ब-खुद लिखी जाने लगती है। रानीवाड़ा ब्लॉक में स्वयं सहायता समूहों (SHG) की महिलाओं के लिए आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम महज एक सरकारी औपचारिकता नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की एक ठोस नींव है। 'रैम्प' पहल के जरिए अब यहाँ की महिला उद्यमी न केवल उत्पाद बनाएंगी, बल्कि गुणवत्ता और प्रबंधन के वैश्विक मानकों पर खरा उतरकर 'लोकल टू ग्लोबल' के सपने को साकार करेंगी।

रानीवाड़ा/जालौर। रानीवाड़ा के एक निजी होटल में 'राइजिंग एंड एक्सीलरेटिंग एमएसएमई परफॉर्मेंस' (RAMP) पहल के तहत महिला उद्यमियों के लिए आयोजित तीन दिवसीय गुणवत्ता आश्वासन एवं गुणवत्ता प्रबंधन (QA–QC) प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम का मुख्य ध्येय महिला उद्यमियों को उनके व्यवसाय में गुणवत्ता सुधार, आधुनिक तकनीक के समावेश और उत्पादन क्षमता बढ़ाने हेतु सक्षम बनाना रहा।
तकनीकी बारीकियों और बाजार से जुड़ाव पर रहा जोर नैबकॉन्स (नाबार्ड कंसल्टेंसी सर्विसेज) के प्रतिनिधि प्रवीण कुमार ने प्रशिक्षण के दौरान बताया कि महिलाओं को उत्पाद निर्माण की बारीकियां, आकर्षक और सुरक्षित पैकेजिंग, मानकों का अनुपालन तथा मार्केट लिंकिंग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यावहारिक कौशल सिखाया गया। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी बाजार में टिके रहने के लिए उत्पाद की गुणवत्ता सबसे अहम है।
अतिथियों ने बढ़ाया उत्साह: उद्यमिता ही भविष्य का आधार कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भाजपा मंडल अध्यक्ष और समाजसेवी रिड़मल सिंह ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं का एमएसएमई सेक्टर में जुड़ना आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक बड़ा कदम है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए राजीविका के ब्लॉक परियोजना प्रबंधक (BPM) प्रेम सिंह चौहान ने प्रशिक्षण की महत्ता पर प्रकाश डाला और महिलाओं को स्वरोजगार के माध्यम से सशक्त बनने हेतु प्रेरित किया।
सक्रिय भागीदारी और भविष्य की योजनाएं प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न सत्रों में समूह की महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपने व्यापार को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर ट्रेनर राजेश, सुनील बिश्नोई और अनिल ने तकनीकी सत्रों का संचालन किया। कार्यक्रम में राजीविका की क्लस्टर मैनेजर जोशना, कविता, आरती और हंसा देवी सहित विभिन्न स्वयं सहायता समूहों की सैकड़ों महिलाएं उपस्थित रहीं।
यह तीन दिवसीय कार्यशाला रानीवाड़ा क्षेत्र की महिलाओं के लिए व्यापारिक दृष्टिकोण से मील का पत्थर साबित होगी, जिससे आने वाले समय में स्थानीय उत्पादों की गुणवत्ता और विपणन में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।







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