आचार्य रत्नाकर सूरीश्वरजी की पावन प्रेरणा से दानवीरों ने खोले दिल के द्वार, गौशाला के भव्य नवनिर्माण के लिए बहेगी सहयोग की सरिता
रानीवाड़ा खुर्द। समीपवर्ती ग्रामीण अंचल के श्री राणेश्वर गौ धाम में आज का सूर्योदय एक नई ऊर्जा, अपार हर्ष और असीम गौरव की सौगात लेकर आया। अवसर था परम पूज्य, परम गौभक्त, मरुधर रत्न आचार्य रत्नाकर सूरीश्वरजी महाराज साहेब के पावन चरणरज से गौशाला प्रांगण के पवित्र होने का। पूज्य गुरुदेव के शुभागमन से न केवल समूचा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा, बल्कि गौ सेवा के संकल्प को एक नई ऐतिहासिक ऊंचाई मिली।
गुरुवाणी से जागा सेवा का भाव, दानवीरों ने रचा इतिहास
गौशाला परिसर में आयोजित विशेष धर्मसभा में पूज्य गुरुदेव ने गौ माता के आध्यात्मिक और सामाजिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए उपस्थित जनमेदिनी को गौ सेवा के लिए प्रेरित किया। गुरुदेव की ओजस्वी वाणी और पावन प्रेरणा का ऐसा दिव्य प्रभाव देखने को मिला कि महाजन समाज सहित समस्त ग्रामवासियों ने श्रद्धा भाव से अपनी झोली खोल दी।
गौशाला के चहुंमुखी विकास और आधुनिक सुविधाओं से युक्त भव्य निर्माण कार्यों के लिए दानदाताओं ने पलक-पावड़े बिछाकर अनुकरणीय और विशाल सहयोग राशि की घोषणाएं कीं।

इन विकास कार्यों से संवरेगा गौ माता का आशियाना
भामाशाहों और ग्रामीणों के सामूहिक सहयोग से श्री राणेश्वर गौ धाम में शीघ्र ही निम्नलिखित निर्माण कार्य पूर्ण करवाए जाएंगे, जिसके लिए दानदाताओं ने विशेष रूप से सहयोग राशि समर्पित की है:
- सुरक्षा व भव्यता: गौशाला की सुदृढ़ चारदीवारी एवं मुख्य आकर्षण द्वार (गेट) का निर्माण।
- आस्था का केंद्र: परिसर में एक भव्य गौ माता सर्किल की स्थापना।
- आधुनिक संसाधन: गौशाला के कार्यों को गति देने के लिए टैक्टर-ट्रॉली सेट की व्यवस्था।
- आरामदायक आश्रय: गोवंश को मौसम की मार से बचाने के लिए विशाल शेड एवं मुख्य गौशाला भवन का निर्माण।
- जल ही जीवन: मूक गोवंश के पीने के पानी के लिए आधुनिक पिहाऊ (प्याऊ) एवं पानी के अवाड़े (खेल) का निर्माण।

"एकजुटता की शक्ति: जल्द पूर्ण होगा संकल्प" सभा में उपस्थित प्रबुद्धजनों ने कहा कि रानीवाड़ा खुर्द के इतिहास में यह दिन स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा। महाजन समाज और समस्त ग्रामवासियों की यह एकजुटता और सेवाभाव इस बात का प्रतीक है कि जब समाज एक सूत्र में बंधता है, तो बड़े से बड़ा संकल्प सिद्ध हो जाता है। सभी दानदाता और ग्रामवासी इस पुनीत कार्य के लिए सच्चे साधुवाद के पात्र हैं।
कोटि-कोटि आभार, मंगल कामनाएं
कार्यक्रम के समापन पर गौशाला प्रबंध समिति एवं समस्त ग्रामवासियों ने पूज्य गुरुदेव आचार्य रत्नाकर सूरीश्वरजी महाराज साहेब के इस असीम उपकार, दिव्य चातुर्मासिक/सामयिक सानिध्य और दिव्य आशीर्वाद के लिए कोटि-कोटि वंदन करते हुए आभार व्यक्त किया। ग्रामीणों ने मंगल कामना की कि गुरुदेव की असीम अनुकंपा हमेशा इस धरा और मूक गोवंश पर बनी रहे, ताकि यह गौ धाम सेवा के क्षेत्र में संपूर्ण प्रदेश के लिए एक अनूठा आदर्श बन सके।







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