**📰 जालोर-जोधपुर संभाग में नशे के खिलाफ बिगुल, **🌟 रानीवाड़ा, मालवाड़ा समेत पूरे जिले में एक साथ शुरू हुआ जन-जागरण आंदोलन
नशे के खिलाफ आईजी विकासकुमार की पहल को मिल रहा समाज का भरपूर समर्थन
🗓️ रानीवाड़ा, शनिवार | संवाददाता
जालोर सहित जोधपुर संभाग में आईजी विकासकुमार की पहल पर शुरू हुए ‘नशाविहान जन-जागरूकता अभियान’ ने शनिवार को रानीवाड़ा वृत और जिले के कई इलाकों में एक साथ दस्तक दी। इस अभियान का उद्देश्य समाज में गहराई से जड़ें जमा चुके अफ़ीम, डोडा, स्मैक व अन्य मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों से आमजन को अवगत करवाना और एक नशामुक्त समाज का निर्माण करना है।

गांव-गांव तक इस मुहिम का असर स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है। 36 बिरादरियों में इस पहल को लेकर व्यापक सहमति बनती दिखाई दे रही है। जन सहभागिता को देख कर यह साफ है कि यह अभियान एक आंदोलन बनता जा रहा है।

🌾 जाखड़ी से उठी अलख: अफसर और अवाम एक साथ
रानीवाड़ा वृताधिकारी भवानीसिंह इंदा और थानाधिकारी दीपसिंह चौहान ने शनिवार को जाखड़ी गांव से इस अभियान का विधिवत शुभारंभ किया।
वृताधिकारी इंदा ने उपस्थित ग्रामीणों को नशे से दूर रहने और दूसरों को भी जागरूक करने की हलफ यानि शपथ उठवाई, वहीं थानाधिकारी दीपसिंह ने मादक पदार्थों से जुड़े अपराधों और उनके सामाजिक दुष्परिणामों की जानकारी दी।
इस मौके पर CLG सदस्य छोटुसिंह देवड़ा ने कार्यक्रम संचालन की बागडोर संभाली।
सरपंच बबीदेवी ठाकोर, फुलसिंह देवड़ा, नरपतसिंह देवड़ा, कैलाश राव, मोतीभाई मोदी, गोवाराम मेघवाल, बाबूसिंह देवड़ा, नरेश दर्जी सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।

🕌 मालवाड़ा से भी गूंजा नशा मुक्ति का पैग़ाम
मालवाड़ा चौकी में हेड कांस्टेबल पदमसिंह के निर्देशन में नशाविहान अभियान का शुभारंभ हुआ। बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर नशामुक्त समाज निर्माण के लिए सामूहिक शपथ ली। नशाविहान अभियान पूरे संभाग में नई ऊर्जा और जागरूकता का संचार कर रहा है। प्रशासन और समाज के सहयोग से यह प्रयास नशे की बेड़ियों को तोड़ने और एक स्वस्थ समाज के निर्माण की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकता है।
इस मौके पर सांईजी वेरी दरगाह के मुजाविर सदीकबक्ष्स, प्रताप पुरोहित, मदनसिंह देवल, प्रेमसिंह सहित कई सरगर्म शख्सियतें मौजूद रहीं।
**🗣️ असरदार अल्फ़ाज़, असरदार मक़सद
👉 “ये जंग है रूह के ज़हर से निजात की।
👉 ये कारवां है एक बेहतर नशामुक्त ज़िंदगी की तलाश का।
👉 ये आवाज़ है हर गली, हर गांव में इंसानियत के बचाव की।”
नशे के खिलाफ आईजी विकासकुमार की यह मुहिम सिर्फ पुलिस या प्रशासन की नहीं रही—यह अब अवाम की आवाज़ बन गई है। हर तबक़ा, हर बिरादरी, हर उम्र का इंसान इस मुहिम का हमसफ़र बनता जा रहा है। उम्मीद की जा रही है कि ये ‘नशाविहान’ आने वाले समय में पूरे संभाग को नशामुक्त करने की ऐतिहासिक पहल साबित होगा।



