क्षत्रिय युवक संघ के चार दिवसीय शिविर में 185 बालिकाएं सीख रहीं जीवन निर्माण और अनुशासन के गुर
संस्कारों की भट्टी में तपकर निखर रहा मातृशक्ति का सामर्थ्य, सवेरे 4 बजे जागरण से रात 10 बजे तक अनुशासित दिनचर्या, खेलों और बौद्धिक सत्रों से तराशा जा रहा व्यक्तित्व







