जालोर, 13 जून। हरिश्चंद्र माथुर राजस्थान राज्य लोक प्रशासन संस्थान (एचसीएम रीपा) जयपुर के प्रशिक्षु आरएएस अधिकारियों के दो अलग-अलग दलों ने जालोर जिले के आकांक्षी ब्लॉकों का विस्तृत अध्ययन भ्रमण किया। इस दौरान युवा अधिकारियों ने ग्रामीण स्तर पर संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं और बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण की जमीनी हकीकत को परखा और ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। ग्रामीणों ने भी पूरे उत्साह के साथ प्रशासनिक बारीकियों और सरकारी योजनाओं को लेकर अपने खट्टे-मीठे अनुभव साझा किए।
रीपा के निर्देशानुसार जालोर जिले के दो आकांक्षी ब्लॉकों—जालोर और आहोर में दो अलग-अलग दलों द्वारा फील्ड विजिट की गई। इस दल में प्रशिक्षु अधिकारी रजनीश, सुनील, आदित्य, भानु, सुशील, अर्चना, सुनीता, प्रियंका, मृगांक, हेमंत, ऋतु, भूपेंद्र, रामेश्वर व राहुल शामिल रहे।
भामाशाहों का सहयोग और सफाई व्यवस्था बनी मिसाल
भ्रमण के दौरान प्रशिक्षुओं के दल ने नरसाणा, चरली और गुढ़ा बालोतान ग्राम पंचायतों का सघन दौरा कर वहाँ योजनाबद्ध तरीके से हुए विकास कार्यों को देखा।
- नरसाणा का मॉडल: दल ने नरसाणा में भामाशाहों के अनुकरणीय सहयोग से निर्मित भव्य सरकारी विद्यालय भवन और आधुनिक सुविधाओं से युक्त 'पिंक टॉयलेट' का बारीकी से निरीक्षण किया। अधिकारियों ने गाँव की बेहतरीन सफाई व्यवस्था और ढकी हुई नालियों के मॉडल की विशेष सराहना की।
- गुढ़ा बालोतान में निरीक्षण: यहाँ निर्मित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और आंगनबाड़ी केंद्र का जायजा लेकर व्यवस्थाओं को समझा।
उच्चाधिकारियों व जनप्रतिनिधियों से साझा किए अनुभव
क्षेत्रीय भ्रमण के समापन के बाद सभी प्रशिक्षु अधिकारियों ने आहोर विधायक छगनसिंह राजपुरोहित, जिला कलेक्टर, जिला पुलिस अधीक्षक, कोषाधिकारी, उपखंड अधिकारी और विकास अधिकारियों से शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने फील्ड से मिले व्यावहारिक अनुभवों और ग्रामीण विकास की केस स्टडीज को वरिष्ठ अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के साथ साझा किया।







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