रानीवाड़ा (जालोर)।
आदर्श विद्या मंदिर उच्च माध्यमिक, रानीवाड़ा में विद्या भारती द्वारा आयोजित 'सप्त शक्ति संगम' कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण और महिला सशक्तिकरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा हुई। वक्ताओं ने देश के सर्वांगीण विकास में इन तत्वों की महती भूमिका पर बल दिया।

मुख्य बातें
- महिला भागीदारी आवश्यक: कार्यक्रम की वक्ता ललिता शर्मा ने देश के विकास में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी को आवश्यक बताया। उन्होंने सशक्त समाज के निर्माण के लिए महिलाओं को हर क्षेत्र में आगे आने का आह्वान किया।
- संस्कृति बोध से सशक्त समाज: मुख्य वक्ता उषा व्यास ने अपने उद्बोधन में कहा कि संस्कृति के बोध से ही सशक्त परिवार और समाज का निर्माण संभव है। उन्होंने भारतीय मूल्यों और संस्कारों को जीवन में अपनाने पर जोर दिया।
- पर्यावरण संरक्षण राष्ट्रहित: उषा व्यास ने पर्यावरण संरक्षण को सीधे राष्ट्रहित से जोड़ते हुए इसे हर नागरिक का कर्तव्य बताया। उन्होंने सभी से अपने नागरिक कर्तव्यों का पालन करने और पर्यावरण की रक्षा के लिए सक्रिय होने का आग्रह किया।
'सप्त शक्तियाँ' जागृत करने का संकल्प
कार्यक्रम के दौरान कई सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं और एक प्रश्नोत्तरी का भी आयोजन किया गया। उपस्थित मातृशक्ति ने भारतीय शास्त्रों में वर्णित सात शक्तियों— कीर्ति, लक्ष्मी, वाणी, स्मृति, मेधा, धृति, और क्षमा— को अपने जीवन में जागृत करने का सामूहिक संकल्प लिया।
इस महत्त्वपूर्ण आयोजन में नर्मदा जीनगर, विमला पुरोहित, मनीषा शर्मा, सावित्री जी, हर्षा चौधरी, सुनीता चौधरी, ललिता जीनगर, मिनाक्षी सारण, शकुंतला देवड़ा, उर्वशी विश्नोई, दीक्षा विद्या राजपुरोहित, विद्या कंवर सहित काफी संख्या में महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।







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