सिरोही, 4 दिसंबर। सिरोही की सियासत में एक बार फिर धर्म और शिक्षा के मुद्दे पर जुबानी जंग तेज हो गई है। पूर्व विधायक संयम लोढ़ा द्वारा रामझरोखा परिसर में संचालित आदर्श विद्या मंदिर को लेकर धरना-प्रदर्शन की चेतावनी देने के बाद भाजपा ने उन पर तीखा पलटवार किया है। भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष चिराग रावल ने लोढ़ा को ‘सनातन विरोधी’ करार देते हुए उनके बयानों की कड़े शब्दों में निंदा की है।
30 साल से चल रहा विद्यालय, अब विरोध क्यों? भाजपा नगर अध्यक्ष चिराग रावल ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर लोढ़ा के विरोध को पूर्वाग्रह से ग्रसित बताया। उन्होंने कहा कि आदर्श विद्या मंदिर पिछले 30 वर्षों से रामझरोखा परिसर में निर्विवाद रूप से संचालित हो रहा है। संस्था नियमनुसार समय-समय पर भवन किराया और बिजली बिल जमा कराती आ रही है। रावल ने कहा, “आज तक किसी सनातनी को इस विद्यालय से आपत्ति नहीं हुई, लेकिन पूर्व विधायक बार-बार इसमें अड़ंगा डालने का प्रयास कर रहे हैं जो उनकी मानसिकता को दर्शाता है।”
“मदरसे नहीं दिखते, विद्या मंदिर खटकता है” रावल ने पूर्व विधायक पर दोहरी नीति अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कालंद्री और सिरोही में बड़े-बड़े मदरसे बने हुए हैं और चल रहे हैं, जिनका लोढ़ा ने कभी विरोध नहीं किया। रावल ने तंज कसते हुए कहा, “मदरसों में पढ़ने वालों की मानसिकता जगजाहिर है, जबकि विद्या मंदिर एक ‘आधुनिक गुरुकुल’ है। यहाँ पढ़ने वाले बच्चों में संस्कार और संस्कृति कूट-कूट कर भरी होती है और वे देशभक्त बनकर निकलते हैं।”
राम मंदिर और सनातन पर वार करने की पुरानी आदत भाजपा ने आरोप लगाया कि संयम लोढ़ा की आदत शुरू से ही सनातन धर्म और हिंदू संस्कृति पर कुठाराघात करने की रही है। रावल ने याद दिलाया कि पहले भी लोढ़ा राम मंदिर को लेकर विवादास्पद बयानबाजी कर चुके हैं।
राष्ट्र निर्माण में विद्या मंदिर का योगदान भाजपा ने दावा किया कि आदर्श विद्या मंदिर के छात्र सिर्फ पढ़ाई ही नहीं, बल्कि समाज सेवा में भी अग्रणी हैं। विद्यालय द्वारा प्रतिवर्ष 50 लाख रुपये की सेवा निधि संग्रहित कर अभावग्रस्त लोगों की मदद की जाती है। रावल ने कहा कि आज देश में जो अच्छा वातावरण बना है, उसमें विद्या मंदिर के संस्कारों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
(नोट: यह खबर भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित है।)



