बाड़मेर: राजस्थान की राजनीति के युवा चेहरे और शिव विधानसभा क्षेत्र से विधायक रविंद्र सिंह भाटी की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है। बाड़मेर जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा जारी एक आदेश के अनुसार, भाटी की सुरक्षा में तैनात अतिरिक्त पीएसओ (PSO) को तत्काल प्रभाव से हटा लिया गया है। इस फैसले के बाद से ही सोशल मीडिया से लेकर धरातल तक भाटी समर्थकों में जबरदस्त गुस्सा और रोष देखा जा रहा है।
क्यों हटाई गई अतिरिक्त सुरक्षा?
सरकारी आदेश के मुताबिक, राज्य सरकार के नियमानुसार प्रत्येक सांसद और विधायक को एक पीएसओ उपलब्ध कराया जाता है। पूर्व में भाटी को मिली धमकियों के मद्देनजर उनकी सुरक्षा बढ़ाकर कुल 4 पीएसओ किए गए थे। अब पुलिस मुख्यालय के निर्देशों का हवाला देते हुए पुराने आदेश को वापस लिया गया है। आदेश में स्पष्ट है कि अब केवल एक स्थायी पीएसओ (जालम सिंह) ही उनकी सुरक्षा में तैनात रहेगा, बाकी अतिरिक्त सुरक्षा गार्डों को वापस पुलिस लाइन बाड़मेर में आमद करने के निर्देश दिए गए हैं।

राजनेता के दबाव की चर्चा और समर्थकों का रोष
भाटी समर्थकों का आरोप है कि यह कदम राजनीतिक दबाव के चलते उठाया गया है। क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है कि राजनेता के दबाव के कारण प्रशासन ने यह निर्णय लिया है। समर्थकों का कहना है कि जब भाटी को लगातार सुरक्षा संबंधी खतरे बने हुए हैं, ऐसे में सुरक्षा कम करना उनके जीवन के साथ खिलवाड़ है।
सुरक्षा बंद होने से क्या होगा रिएक्शन?
- आंदोलन की चेतावनी: भाटी के समर्थक इस फैसले के विरोध में सड़कों पर उतर सकते हैं और जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन की तैयारी कर रहे हैं।
- सरकार की घेराबंदी: सोशल मीडिया पर ‘सुरक्षा वापस लाओ’ के अभियान शुरू हो गए हैं, जिससे सरकार और पुलिस प्रशासन पर दबाव बढ़ना तय है।
- राजनीतिक सरगर्मी: विधानसभा क्षेत्र में इस मुद्दे को भाटी के प्रति अन्याय के रूप में देखा जा रहा है, जिससे आने वाले समय में राजनीतिक ध्रुवीकरण तेज हो सकता है।



